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यूपी: पांच वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मुकदमे में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

Tue, 03 Sep 2019 08:59 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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कोर्ट ने सुनाया फैसला - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद में विशेष अदालत पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश रवींद्रनाथ दूबे ने पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म कर हत्या के मुकदमे के आरोपी टेंपो चालक को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 1.60 लाख रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोष सिद्ध अभियुक्त को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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जुर्माना राशि वसूल होने पर उसमें से 75 हजार रुपये पीड़ित पिता को दिए जाने का आदेश दिया है। फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण परिवार समेत रिश्तेदार की बहन की शादी में 18 जुलाई 2018 को गांव चांदपुर गया था। रात में दरवाजे की रस्म के दौरान पांच वर्षीय पुत्री के सो जाने पर मां छत पर उसको लिटा आई थी।

रात करीब एक बजे परिवार के लोग जब छत पर गए तो पुत्री गायब थी। माता-पिता और रिश्तेदार बच्ची को खोजने लगे। उसके न मिलने पर 19 जुलाई को शहर कोतवाली में तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की। 20 जुलाई को चांदपुर गांव में पंचायत घर के पीछे बच्ची का शव पड़ा मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। दुष्कर्म की आशंका पर स्लाइड बनवाई गई थी।

जांच में बच्ची से दुष्कर्म होने की पुष्टि हुई। कोतवाल राजेश पाठक ने गांव चांदपुर निवासी टेंपो चालक दीपू उर्फ श्याम सिंह पुत्र रामलड़ैते उर्फ पांडे जाटव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना पूरी होने पर कोतवाल ने उसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत ने दलीलें पेश कीं।

 
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सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार दिया। उसको हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा दी, बीस हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया। दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया।

अपहरण के जुर्म में दस साल की सजा और बीस हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साक्ष्य छिपाने के जुर्म में पांच साल की सजा सुनाई और बीस हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायाधीश ने सभी सजाएं एक साथ चलने का आदेश दिया है। आरोपी ने जो अवधि जेल में बिताई है वह सजा में समायोजित की जाएगी। जुर्माना राशि वसूल होने पर 75 हजार रुपये पीड़ित पिता को दिए जाने का आदेश दिया है।
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