फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: 13 साल की बच्ची से दुष्कर्म कर गर्भवती करने वाले को उम्रकैद, जुर्माना भी लगाया

Wed, 03 Jun 2026 12:22 AM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पीड़िता मां की माैत के बाद नानी के घर रह रही थी। 2023 में आरोपी पड़ोसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मानसिक रूप से बीमार नाबालिग से चार माह तक दुष्कर्म कर उसे गर्भवती कर देने वाले को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पवन कुमार राय ने उम्रकैद और दो लाख एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को मिलेगी। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी निर्देश दिया कि वह पीड़िता प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता व उसकी एक साल की बच्ची की देखभाल व संरक्षण के लिए उचित क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करे।

विज्ञापन


ट्रांसपोर्टनगर के ढकनापुरवा में मां की मौत के बाद अपनी नानी व मौसी के घर रह रही 13 वर्षीय नाबालिग के साथ पड़ोसी मो. कमालुद्दीन उर्फ मुन्ना भाई ने कई बार दुष्कर्म किया। बच्ची की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। रात को जब वह आंगन में सोती तो कमालुद्दीन उसे उठाकर बिस्कुट खिलाने के बहाने पार्क में ले जाता और दुष्कर्म करता था। चार माह बाद तबीयत बिगड़ने पर जब पीड़िता की मौसी ने जांच कराई तो वह चार माह की गर्भवती निकली थी।

पूछने पर पीड़िता ने आपबीती बताई। मौसी ने बाबूपुरवा थाने में 17 अक्तूबर 2023 को कमालुद्दीन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अभियोजन की ओर से पीडि़ता, उसकी मौसी व नानी समेत नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने कमालुद्दीन को दोषी मानकर सजा सुनाई।

विज्ञापन

दर्द की दास्तां बना नाबालिग का जीवन
पीड़िता जब सिर्फ दो साल की थी तो उसकी मां की मौत हो गई। नानी और मौसी ने सहारा दिया। बड़े होने पर उसके मानसिक रूप से कमजोर होने की जानकारी हुई तो किसी तरह बच्ची जीवन काट रही थी लेकिन पड़ोसी कमालुद्दीन की बुरी नजर उस पर पड़ गई। दुष्कर्म के कारण वह गर्भवती हो गई। दुष्कर्म का पता जब तक चला देर हो चुकी थी।
 
विज्ञापन

गर्भपात से बच्ची की जान को खतरा हो सकता था। ऐसे में नाबालिग ने बच्ची को जन्म दिया जो लगभग एक साल की है। जो खुद ही अभी नाबालिग है उस पर अपनी बच्ची के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई है। कमालुद्दीन घटना के बाद से जेल में ही बंद है। कोर्ट ने सजा में उसकी रहम की अपील भी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यह मानवता के विरुद्ध अपराध है इसलिए दोषी को मौत आने तक उसका बचा हुआ जीवन जेल में ही गुजारना होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें