कानपुर देहात। गजनेर थाना क्षेत्र के गंगागंज गांव में बुजुर्ग की हत्या करने के मामले में अदालत ने दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना पांच साल पहले प्लाट के विवाद में हुई थी। घर में मृतक अकेले था।
गंगागंज गांव में 13 जून 2016 को ओंकारनाथ तिवारी (80) की रस्सी से गला घोंटकर कर हत्या कर दी गई थी। उनके हाथ पैर बंधे थे, साथ ही मुंह में रूमाल कसा था। मामले में मृतक के बेटे सुरेश कुमार उर्फ छुन्ना ने प्लाट के विवाद में पिता की हत्या का आरोप लगा गांव के देवीदास व उसके भतीजे राजपाल उर्फ छोटू पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट निजेंद्र कुमार की अदालत में चल रही थी। कोर्ट ने गवाहों व दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था।
मंगलवार को कोर्ट ने देवीदास व राजपाल को छोटू को घटना का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक शासकीय अधिवक्ता धनंजय पांडेय ने बताया कि बचाव की दलीलों का विरोध किया गया। मृतक का अभियुक्तों से प्लाट का विवाद कोर्ट में चल रहा था। फैसला मृतक के पक्ष में आने के बाद अभियुक्तों ने वृद्ध की योजनाबद्ध तरीके से हत्या कर दी थी।