माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। जिले में कीटनाशक कारोबार अब पूरी तरह डिजिटल निगरानी के दायरे में आ गया है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने एकीकृत कीटनाशी प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) लागू की है। इस प्रणाली के तहत पंजीकरण न कराने वाले 73 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त हो सकते हैं। जिला कृषि विभाग ने ऐसे कारोबारियों को एक सप्ताह का समय दिया है।
जिले में करीब 2500 से अधिक उर्वरक दुकानों में से 679 दुकानदारों के पास कीटनाशक बिक्री का लाइसेंस है। इनमें से 606 विक्रेताओं ने अपनी दुकान, स्टॉक और बिक्री का विवरण आईपीएमएस पोर्टल पर अपलोड कर दिया है लेकिन 73 दुकानदार अभी तक पंजीकरण से दूर हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि कई दुकानदार डिजिटल निगरानी से बचना चाहते हैं। पोर्टल पर स्टॉक और बिक्री का पूरा हिसाब दर्ज होने से हेराफेरी पर रोक लगेगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी सलीमुद्दीन ने बताया कि आईपीएमएस पोर्टल लागू होने के बाद बिना ऑनलाइन पंजीकरण के कीटनाशकों की खरीद-बिक्री संभव नहीं होगी। हर विक्रेता को स्टॉक, बिक्री और उत्पाद से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन अपडेट करनी होगी। इससे नकली और अमानक कीटनाशकों की बिक्री पर अंकुश लगेगा। किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकेंगे।