कानपुर में नकली दवा के क्रय-विक्रम मामले में दो मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य के अनुसार स्वरूपनगर के कोहली मेेडिकल स्टोर और पायनियर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया गया है। यहां जांच में 21 में से 13 दवाएं नकली पाई गईं।
औषधि निरीक्षक अब अपनी कोर्ट में मुकदमा दाखिल करेंगे जिसमें सुनवाई के बाद फैसला आएगा। ऐसे मामलों में एफआईआर नहीं लिखाई जाती बल्कि सीधे कोर्ट में मुकदमा होता है। नकली दवा के मामले में कोहली मेसर्स के बारे में पता चला है कि उसने यूडीलीव 300 नामक टेबलेट को गलत तरीके से खरीदा-बेचा।
मामले का खुलासा फतेहपुर औषधि निरीक्षक को मिले शिकायती पत्र से हुआ। इसके बाद फतेहपुर के कुछ मेडिकल स्टोर्स पर छानबीन की गई। तब जाकर पता चला कि कानपुर के कोहली मेडिकल स्टोर्स से नकली दवाओं की बिक्री की गई।