चित्रकूट जिले में मानिकपुर सीमा से सटे मझगवां के गोहानी जंगल में रविवार को एक तेंदुआ का शव मिला है। उसकी मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। उसके शरीर पर भी कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं। जांच के लिए वन विभाग के अधिकारी और डाग स्कवायड की टीम मौके पर पहुंची है।
वन अधिकारियों ने शिकार या करंट लगने से तेंदुए की मौत की आशंका व्यक्त की है। एमपी के सतना और मैहर जिले से डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम के लिए बुलाई गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना कि तेंदुए की उम्र लगभग तीन साल की है।
उसकी मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वन विभाग के एसडीओ श्रीकांत शर्मा ने बताया कि अमर पाटन रेंज के गुरसरी सर्किल अंतर्गत गिधौला बीट के आरएफ 655 नंबर का एक नर तेंदुआ जंगल में भटककर इस ओर आया था।
गोहानी जंगल में वह जिस अवस्था में मृत मिला है, उससे मौत के कारण बिना पोस्टमार्टम के स्पष्ट नहीं होंगे। जहां पर उसका शव मिला, उस स्थान से बिजली की तारें डेढ़ किमी दूर हैं। आस पास कोई जलस्रोत भी नहीं है और तेंदुए के शरीर के सभी अंग भी सुरक्षित हैं। ऐसे में उसकी मौत की गुत्थी सुलझाना मुश्किल है।
दो साल के अंदर पांच बाघों की मौत
यूपी और एमपी क्षेत्र में घना जंगल है, जिसमें बाघ सहित कई जंगली जानवर हैं। यहां से अक्सर तेदुए और बाघ की मौत की खबरें आती रहती हैं। यूपी और एमपी क्षेत्र में दो साल के अंदर पांच बाघों की मौत हो चुकी है। जबकि यूपी व एमपी क्षेत्र में इनकी रक्षा के लिए कई योजनाएं बनाईं गई। जंगल में सर्चिंग अभियान चलाने की बात कही जा रही है। इसके बाद भी जंगली जानवरों की मौत हो रही है।