डीएफओ कानपुर श्रद्धा यादव ने बताया कि एनएसआई के जंगल के भीतरी हिस्से में दो जगह तेंदुए के पगमार्क (पंजों के निशान) मिले हैं। ऐसे में उस इलाके में रात में भी गश्त की जाएगी। बता दें कि आईआईटी के काफी हिस्से में घना जंगल है और तेंदुआ छुप कर रहना ही पसंद करता है। इसी वजह से उसे पकड़ने में थोड़ी दिक्कत हो रही है।
पनकी में अफवाह निकली तेंदुए की बात
वन विभाग को पनकी क्षेत्र में तेंदुए देखे जाने की भी सूचना मिली थी। इसके बाद वहां भी एक टीम को लगाया गया। डीएफओ ने बताया कि पनकी में जिस सत्यम स्वीट्स के पास तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिली थी, वह गलत थी।