उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में बर्खास्तगी की चेतावनी पर लेखपाल ने खुदकुशी कर ली। मंगलवार सुबह कानूनगो घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें एसडीएम ने भेजा है। एसआईआर प्रपत्र फीडिंग के लिए दरवाजे पर रखकर कहा कि इसे करो वरना बर्खास्त कर दिया जाएगा। उसकी आज बरात जानी थी।
फतेहपुर के बिंदकी में बर्खास्तगी की चेतावनी से तनाव में आए लेखपाल ने फंदा लगाकर जान दे दी। उसकी 26 नवंबर यानि आज शादी थी। लेखपाल को एसआईआर अभियान में लगाया गया था। इसी भागदौड़ में उससे काम में थोड़ी चूक हुई थी।
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घटना की जानकारी मिलते ही अन्य लेखपाल और परिजन विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के सहायक समीक्षा अधिकारी एसडीएम और कानूनगो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।
मामले की सूचना मिलते ही एएसपी व एडीएम मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे लेकिन देर शाम तक परिजनों ने शव नहीं उठने दिया था।
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के खजुहा कस्बा बागबादशाही निवासी सुधीर कुमार (35) ने वर्ष 2024 में लेखपाल की नौकरी पाई थी। उनकी नियुक्ति बिंदकी तहसील में थी। अभी वह प्रोबेशन में चल रहे थे।
वह जहानाबाद विधानसभा में एसआईआर का काम बीएलओ के तौर पर देख रहे थे। सुधीर की 26 नवंबर को खजुहा ब्लॉक के ही सीतापुर गांव में बरात जानी थी। इसके लिए कुछ दिन पहले उन्होंने अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र तहसीलदार को दिया था।
लेखपाल की बहन अमृता सिंह ने बताया कि तहसील सभागार में मतदाता पुनरीक्षण कार्य की 22 नवंबर को बैठक थी। शादी के कामकाज की वजह से भाई बैठक में नहीं जा सका।
इस पर सहायक समीक्षा अधिकारी (ईआरओ) एसडीएम संजय कुमार सक्सेना ने भाई को निलंबित करने की कार्रवाई के लिए कहा था। इससे भाई मानसिक तनाव में चल रहा था।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े छह बजे कानूनगो शिवराम दरवाजे पर पहुंचे। कानूनगो ने कहा कि उन्हें एसडीएम ने भेजा है। एसआईआर प्रपत्र फीडिंग के लिए दरवाजे पर रखकर भाई से कहा कि चुनाव कार्य करो वरना बर्खास्त कर दिया जाएगा।
इसके बाद भाई कमरे में चला गया। कुछ देर तक बाहर न आने पर दरवाजा खटखटाया। भीतर से कोई जवाब न मिलने पर खिड़की से झांका तो भाई कमरे की छत के हुक पर रस्सी के फंदे से लटक रहा था।
एएसपी महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि वह मौके पर हैं। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। परिजनों को शव का पोस्टमाॅर्टम कराने के लिए समझाया जा रहा है।
परिजनों के शिकायती पत्र पर प्राथमिकी का प्रावधान नहीं है। वह पूरे मामले की जांच कराएंगे। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। - अविनाश त्रिपाठी, एडीएम