फर्रुखाबाद जिले में नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म में लेखपाल के साथी दवा व्यवसायी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसको कोर्ट ने जेल भेज दिया है। वहीं तीन साथियों को कोर्ट के आदेश से फरार घोषित किया गया है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी शिक्षिका ने लेखपाल पति व उसके दोस्तों के खिलाफ नाबालिग पुत्री से सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा 12 जनवरी को दर्ज कराया था। पुलिस ने 19 जनवरी को आरोपी लेखपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में हत्या की आशंका से लेखपाल को जिला एटा की जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।
लेखपाल की पुत्री ने बयानों में पिता के साथी दवा व्यवसायी मनोज शाक्य, विष्णु शरण रस्तोगी, सोनू तिवारी, लेखपाल विमल, मनोज शाक्य के एक करीबी दोस्त के नाम उजागर किए थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी करवा लिए थे। कोतवाल जसवंत सिंह को सूचना मिली कि मनोज शाक्य कहीं भागने के इरादे से फर्रुखाबाद के रोडवेज बस अड्डे पर आया है।
पुलिस ने आरोपी थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के मोहल्ला सरदार खां निवासी दवा के थोक व्यवसायी मनोज शाक्य को वहां जाकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मनोज से पूछताछ कर उसका चालान कर अदालत में पेश किया। वहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।
बचे तीन आरोपियों मेरठ के द्वारका टावर सेक्टर पांच जाग्रति विहार निवासी मित्र विष्णुशरण रस्तोगी, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नगलादीना सैनिक कालोनी निवासी सोनू तिवारी उर्फ रतलेश व मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव ढिलावल निवासी विमल कुमार की गिरफ्तारी को विवेचक जसवंत सिंह ने कोर्ट से गैर जमानती वारंट लेकर दबिश दी, लेकिन गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिली।
इस पर विवेचक ने अपर जिला जज प्रथम की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा कि दबिश देने के बाद भी आरोपी नहीं मिल रहे हैं। विवेचक के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को फरार घोषित कर उनके निवास स्थान व अन्य समुचित स्थानों पर इश्तहार, डुग्गी, पंफलेट के माध्यम से प्रचार प्रसार किए जाने के आदेश दिया है।