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नेतागीरी चमकाने में भिड़े नेता-समर्थक

Fri, 05 Aug 2016 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
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पथराव कर रहे लोगों को खदेड़ती पुलिस। - फोटो : amarujala
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कानपुर। दलित कमल वाल्मीकि और राजू मिस्त्री उर्फ राजू पासी की अहिरवां चौकी में मौत की सूचना पर भाजपा विधायक सतीश महाना अपने समर्थकों के साथ चकेरी थाने पहुंच गए। एसएसपी से बातचीत कर कमल के घर चले गए। महाराजपुर से बसपा प्रत्याशी मनोज शुक्ला भी अपने समर्थकों के अहिरवां चौकी पर पहुंच गए। आगे दिखने की होड़ में दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। मारपीट की सूचना पर महाना और मनोज शुक्ला अहिरवां चौकी पहुंच गए और वहां भी भिड़ गए।
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महाना के मुताबिक मनोज ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया वहीं मनोज शुक्ला के मुताबिक महाना सिर्फ मुआवजे की बात कर रहे थे, राजू को तलाशने की नहीं। इस पर हाथापाई हुई थी। उधर, आरोपी सिपाही जनार्दन शिवगोदावरी चौकी में तैनात है, एक अन्य सिपाही राजीव यादव जाजमऊ चौकी में तैनात है। स्पेशल टीम की वसूली की शिकायत पहले भी आती रही है। स्पेशल टीम बगैर वर्दी के प्राइवेट वाहनों से घूमती है

दिनभर चला बवाल
राजू मिस्त्री और कमल के परिजनों,आक्रोशित भीड़ ने रामादेवी चौराहे और इलाहाबाद हाईवे को दिनभर बंधक बनाए रखा। हाईवे से गुजरने वाली रोडवेज बसों और कारों पर पथराव किया गया। एकबार खबर उड़ी कि आक्रोशित भीड़ ने अहिरवां चौकी में आग लगा दी। फोर्स भागकर अहिरवां पहुंची तो भीड़ ने रामादेवी चौराहे पर पथराव कर दिया।
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‘यदुवंशी’ लिखी सैंट्रो से लाया गया था कमल
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को घर के पास से उठाने के बाद से कमल को पहले कृष्णानगर, कोयलानगर चौकी पर रखा गया। बुधवार रात ‘यदुवंशी’ लिखी सैंट्रो कार से उसे अहिरवां चौकी लाया गया। वहां राजू मिस्त्री पहले से ही मौजूद था। इसके बाद रात में चौकी में क्या हुआ? इसका जवाब कोई पुलिस अधिकारी नहीं दे पा रहा है।
लूट, आर्म्स एक्ट में जेल जा चुका है कमल
पुलिस के मुताबिक कमल चेन लूट और आर्म्स एक्ट के मामले में पांच साल पहले जेल जा चुका है। वहीं परिवार के मुताबिक उस लूट में भी कमल को फर्जी फंसाया गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह दिल्ली में नौकरी कर रहा था। पिता किशनलाल ने बताया कि वह प्राइवेट नौकरी और उसकी पत्नी मीना घरों में चौका-बर्तन करती है। कमल तीन सौ रुपये दिहाड़ी पर मजदूरी करता था। पुलिस उसे लूट में फर्जी फंसाने के लिए उठा ले गई और मार डाला। वहीं राजू मिस्त्री के किसी अपराध में शामिल होने की जानकारी नहीं मिली है। पता चला है दो दिन पहले उसका पत्नी से झगड़ा हुआ था। पार्षद मनोज यादव के मुताबिक कुछ दिन पहले राजू का कुछ विवाद हुआ था जिसे सुलझा दिया गया था। एक पुराने मामले में कोर्ट ने कमल के खिलाफ वारंट जारी कर रखा था। पुलिस के मुताबिक, इसीलिए उसे तलाशा जा रहा था।


ये हुए सस्पेंड
एसओ चकेरी जीवाराम यादव, अहिरवां चौकी इंचार्ज योगेंद्र सिंह सोलंकी, सिपाही योगेश कुमार, संतोष कुमार, अमित कुमार, अश्वनी कुमार, वीरसिंह, रामनिवास, अनिल कुमार, मिथिलेश कुमार, मो.शादाब, सहदेव सिंह, महेशचंद्र, चंद्रपाल। चकेरी की स्पेशल टीम का सिपाही जनार्दन। एसएसपी के मुताबिक कमल के पिता ने स्पेशल टीम के 5-6 अन्य सिपाहियों पर भी आरोप लगाया है। चिह्नित कर उनको भी सस्पेंड किया जाएगा।


आज तक नहीं मिला लखन
कानपुर साउथ (ब्यूरो)। अहिरवां चौकी जैसा कांड एक साल पहले पनकी आरपीएफ चौकी में भी हुआ था। भौंती खेड़ा निवासी लखन और समीर को तत्कालीन पनकी आरपीएफ चौकी प्रभारी विधु त्यागी ने आठ अगस्त 2015 को उठाया था। आरोप है कि समीर को रुपये लेकर पुलिस ने छोड़ दिया था लेकिन लखन की चौकी में पुलिस पिटाई से मौत हो गई। पुलिस ने लखन की लाश को ठिकाने लगा दिया। आज तक लखन नहीं मिला। लखन के भाई गोविंद ने चौकी प्रभारी और कांस्टेबल राजीव पाठक, विनोद और रफीक के खिलाफ अपहरण और हत्या कर शव गायब करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सचेंडी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामला जीआरपी सेंट्रल को भेज दिया था। सचेंडी पुलिस ने आज तक आरोपी आरपीएफ वालों को गिरफ्तार नहीं किया।
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