महीनों की मेहनत पर पानी फिरता देख 'नेताजी' आनन-फानन दूल्हा बन गए। डेट से पहले ही शादी रचाकर अपनी पत्नी को चुनावी मैदान में उतार दिया। मामला यूपी के कानपुर शहर का है।
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पार्षदी के लिए आननफानन में की शादी, पत्नी लड़ेगी चुनाव
पार्षदी के लिए आननफानन में की शादी, पत्नी लड़ेगी चुनाव
कानपुर के एक निवर्तमान पार्षद ने अपने वार्ड से पार्षदी पर कब्जा बरकरार रखने के लिए आनन-फानन में शादी कर ली। बुधवार को वह पत्नी को विदा कर घर ले गए और उनकी फोटो लगाकर चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया। एलान किया कि पार्टी से टिकट न मिला तो निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पत्नी को चुनाव लड़ाएंगे।
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पार्षदी के लिए आननफानन में की शादी, पत्नी लड़ेगी चुनाव
कानपुर में नवाबगंज सीट आरक्षित हो गई और यहां से महिला प्रत्याशी ही चुनाव लड़ सकती थी। सीट बदलने के चलते निवर्तमान पार्षद राजकिशोर यादव की राजनीति पर अंकुश लगता दिखाई देने लगा। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीते सबसे कम उम्र के पार्षद ने बाद में साइकिल का दामन थाम लिया था। उनका कार्यकाल खत्म हो गया, पर शादी नहीं हुई थी। नए परिसीमन में उनका वार्ड महिला प्रत्याशी के लिए आरक्षित हो गया।
चर्चा है कि आनन-फानन में उन्होंने अपने पास के मोहल्ले की लड़की से शादी पक्की की और सहालग शुरू होते ही पहले दिन 31 अक्तूबर को शादी भी कर ली। पार्षद जी ने पत्नी के नाम से पार्टी में टिकट के लिए दावेदारी भी कर दी। कई पूर्व पार्षदों ने शादी समारोह में जयमाल होते ही उन्हें टिकट दिलाने का भरोसा दिया। दूसरी तरफ एक पूर्व विधायक अपने चहेते ठेकेदार की पत्नी को इसी वार्ड से टिकट दिलाने के लिए लखनऊ तक पैरवी कर रहे हैं। अब देखना है कि निवर्तमान पार्षद जी का टिकट का सपना पूरा होता है या विधायक उन पर भारी पड़ते हैं।