पुखरायां के मीरपुर गांव में पकड़े गए नकली नोट कारखाने के मामले में खुफिया एजेंसी द्वारा गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में कानपुर देहात जिले के एक नेता का नाम सामने आ रहा है। कानपुर नगर के एक ज्वैलर्स से इस नेता की कई बार बातचीत ने जांच टीमों को नई राह दिखा दी है। ज्वैलर्स के मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) खुफिया ने निकाल ली है। हालांकि, पुलिस अधिकारी कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं।
मीरपुर गांव में चार जनवरी को पुलिस ने समरेंद्र सचान उर्फ शुभम के घर पर छापामार कर 2000 रुपये के 7 लाख 64 हजार रुपये के नकली नोट, एक असली नोट व सात अधछपे नोट, दो प्रिंटर व स्कैनर, लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन बरामद किए थे। पुलिस ने आशीष कुमार गुप्ता निवासी मीरपुर पुखरायां भोगनीपुर, पुखरायां के विवेकानंद नगर निवासी प्रसून सचान को गिरफ्तार किया था। हालांकि मास्टर माइंड कानपुर पनकी निवासी विजय फरार है।
आरोपियों से हुई पूछताछ में कानपुर नगर के एक ज्वैलर्स का नाम सामने आया तो पुलिस ने उसके मोबाइल की डिटेल निकलवाई। कॉल डिटेल रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर देहात के एक वरिष्ठ नेता से ज्वैलर्स ने खुलासे से पहले कई बार बात की है। मामले की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज दी गई है। पुलिस ने अभी तक कई लोगों को उठाया है, पकड़े गए लोगों से पूछताछ जारी है। कानपुर देहात के एसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। एटीएस और विशेष जांच सेल भी लगी है। नेता के कनेक्शन पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच के बाद ही सारी चीजें सामने आ सकेंगी।
पुखरायां में पहले भी पकड़े गए नकली नोट
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 10 सालाें में भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र में नकली नोट पकड़े जाने के तीन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस पुराने मुकदमे में शामिल रहे लोगों की तलाश कर रही है। पुखरायां कस्बा नकली नोटों के मामले में पहले भी चर्चा में आया था।