कैदियों को लाने वाली पुलिस की गाड़ी बैक करते समय कचहरी में तोप वाले गेट के सामने बाइकें गिरने से गुस्साए वकीलों ने सिपाही अरविंद सिंह की पिटाई करके वर्दी फाड़ डाली। सिपाही ने सदर हवालात में पहुंचकर मुश्किल से अपने आप को बचाया।
इस दौरान बीच सड़क पर कैदी वाहन खड़ा रहने से करीब आधा घंटा जाम लगा रहा। सिपाही ने अपना मेडिकल कराते हुए 15-20 अज्ञात वकीलों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें वकीलों के पीटने से बंदियों के भाग जाने का खतरा पैदा होने और वर्दी फाड़ने का आरोप लगाया गया है।
फतेहगढ़ से सिपाही कुछ बंदियों को पेशी पर लाया था। शाम करीब 3.45 बजे सिपाही सदर हवालात से बंदियों को लेने के लिए गाड़ी बैक कर रहा था। तभी तोप वाले गेट के सामने वाली पट्टी में खड़ी वकील सत्येंद्र सिंह, ब्रज बिहारी यादव समेत छह लोगों की बाइकें गिरने से टूट गईं।
इनमें चार बाइकें वकीलों और दो वादकारियों की थीं। यह देख वकीलों ने सिपाही को गाड़ी से खींचते हुए पीटना शुरू कर दिया। मारपीट में सिपाही की वर्दी फट गई, वह सड़क पर गिर गया और अपने को बचाने के लिए सदर हवालात की तरफ भागा। वहां मौजूद अन्य सिपाहियों ने उसे अंदर करके सदर हवालात वाला गेट बंद कर लिया।
वकील सिपाही को सदर हवालात से बाहर निकाले जाने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे। इस दौरान जाम लग गया। जानकारी पाकर कोतवाली पुलिस के साथ सीओ, बार एसोसिएशन के महामंत्री संदीप सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैलाश शुक्ला, लायर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रवि शंकर वाजपेयी और महामंत्री राम सिंह पहुंच गए।
वकील अपनी टूटी बाइक ठीक कराने के लिए मुआवजे की मांग कर रहे थे। इस पर सीओ ने कहा कि सभी टूटी बाइकें लाइन पहुंचा दें। इन्हें बनवा दिया जाएगा। सिपाहियों ने लाइन ले जाने के लिए रिक्शों पर दो बाइक लदवाईं लेकिन आगे वकीलों ने उन्हें उतरवा लिया।