फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी के चाचा पर मुकदमा, ये है पूरा मामला

Sat, 30 Mar 2019 07:18 PM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
डेमो पिक
विज्ञापन
न्यायालय की पत्रावली में सफेदा लगाने के मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी के चाचा के खिलाफ उन्नाव सदर कोतवाली में धोखाधड़ी व छल के प्रयोजन से कूटरचना करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। न्यायालय के आदेश पर दीवानी न्यायालय के अभिलेखपाल ने मुकदमा दर्ज कराया है। 
विज्ञापन


माखी थाना क्षेत्र निवासी जयदीप सिंह उर्फ अतुल सिंह सेंगर ने वर्ष 2000 में पंचायत चुनाव के दौरान गांव के ही तीन सगे भाइयों व उनके साथियों पर जानलेवा हमले का मुकदमा माखी थाने में दर्ज कराया था। इस मुकदमे में किशोरी के पिता व दो चाचा के नाम शामिल थे।

मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद वर्ष 2002 में फैसले के दिन किशोरी का चाचा फरार हो गया था। चाचा के फरार होने पर न्यायालय ने उसकी पत्रावली अलग कर दी थी। जबकि उसके दो भाइयों को बहस पेशी के बाद दोष मुक्त कर दिया था।
विज्ञापन

किशोरी के चाचा ने न्यायालय की मूल पत्रावली में सफेदा लगाकर रमेश लिख दिया था

एक भाई के फरार होने के मामले में न्यायालय ने जमानदारों को न्यायालय ने नोटिस जारी की थी। वह फरार आरोपी को न्यायालय में हाजिर नहीं कर पाए। इस पर दो जमानतदारों पर न्यायालय ने 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था। किशोरी के चाचा के लंबे समय तक न्यायालय में हाजिर न होने पर उसके नाम की मूल पत्रावली को दाखिल दफ्तर कर दिया गया।

वर्ष 2004 में न्यायालय ने किशोरी के चाचा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। जानकारी होने पर फरार चल रहे किशोरी के चाचा ने अपने बचाव के लिए न्यायालय की मूल पत्रावली में अपने नाम पर सफेदा लगाकर रमेश लिख दिया था।

मामले का पता चलने पर अधिवक्ता कृष्णपाल सिंह ने 6 नवंबर 2018 को जिला सत्र न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें किशोरी के चाचा पर 2004 में गैर जमानती वारंट जारी होने का मामला सामने आया।
विज्ञापन

पुलिस ने 21 नवंबर को किशोरी के चाचा को गिरफ्तार किया था

9 नवंबर 2018 को न्यायाधीश मो. राशिद ने गैर जमानती वारंट के आधार पर तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। पुलिस ने 21 नवंबर को दिल्ली के नांगलोई थानाक्षेत्र किशोरी के चाचा को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में हैं।

एक महीने पहले उसे रायबरेली जेल में शिफ्ट किया गया था। न्यायालय की मूल पत्रावली में सफेदा लगाने जैसे धोखाधड़ी के मामले में शनिवार को न्यायालय के अभिलेखापाल गणेश तिवारी ने सदर कोतवाली में किशोरी के चाचा खिलाफ न्यायिक अभिलेखों में हेराफेरी का मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें