जालौन जिले में भतीजे को झूठे मामले में फंसाने के आरोपियों के खिलाफ रामपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी औरैया के अजीतमल निवासी कटोरी देवी को हुई तो उनकी बूढ़ी आंखें चमक उठीं। झुर्रीदार चेहरे पर सुकून के भाव नजर आने लगे।
पास खड़े भतीजे मुकेश का माथा चूम लिया। बोलीं, भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं। पता था कि एक न एक दिन यह दाग धुलेगा जरूर। आज वह दिन आ गया। अब दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल जाए, काफी होगा।
मुकेश के जेल जाने के बाद उसकी चाची कटोरी देवी ने उसे निर्दोष साबित करने का बीड़ा उठाया था। कटोरी देवी बताती हैं कि उनका दिल नहीं मानता था कि मुकेश चरस के कारोबार में लिप्त हो सकता है। बस इसी भरोसे के साथ दौड़ भाग करती रहीं।
अब तो इतने साल बाद यह भी ठीक से नहीं याद है कि किस-किस अधिकारी और नेताओं के दरवाजे खटखटाए। अब बेटे को इंसाफ मिल गया और उस पर व परिवार पर लगा दाग हमेशा के लिए मिट गया। कटोरी देवी के मुताबिक पुलिस मुकेश को घर ले गई थी। अगले दिन उन्होंने अजीतमल थाने में उसके अपहरण की शिकायत की थी। इसके बाद ही पता चल सका था कि रामपुरा पुलिस उसे अपने साथ जालौन जनपद ले गई है।