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गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सूरज को ‘आखिरी सलाम’

Mon, 07 Nov 2016 12:15 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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सूरज को अंतिम विदाई देने को रो पड़ी हर आंख - फोटो : अमर उजाला
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फैजाबाद में तैराकी ट्रेनिंग के दौरान सरयू नदी में डूबने वाले सैनिक सूरज तिवारी (22) का पार्थिव शरीर रविवार सुबह कानपुर आवास विकास हंसपुरम स्थित घर लाया गया। बेटे का पार्थिव शरीर देखते ही मां-पिता और भाई दहाड़े मारकर रोने लगे और उससे लिपट गए। परिवार वालों ने किसी तरह उन्हें संभाला। मोहल्ले वाले और दोस्तों ने भी फूल चढ़ाकर सूरज को श्रद्धांजलि दी। जवान सूरज की अंतिम यात्रा में शामिल हुए सैकड़ों लोगों की आंखें नम थी। इस दौरान वंदे मातरम, भारत माता की जय जैसे नारे भी लगे। इसके बाद महाराजपुर के ड्योढ़ी घाट में गार्ड ऑफ आर्नर के साथ सूरज का अंतिम संस्कार हुआ। 
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हजारों लोग रहे सूरज की अंतिम यात्रा में शामिल

सूरज को अंतिम विदाई देने को रो पड़ी हर आंख - फोटो : अमर उजाला
हंसपुरम निवासी सुरेश चंद्र का मंझला बेटा सूरज फैजाबाद सेना की ट्रेनिंग में गया था। शुक्रवार को सरयू नदी के गुप्तार घाट पर ट्रेनिंग के दौरान डूबकर उसकी मौत हो गई थी। शनिवार को उसका पार्थिव शरीर सेना की गाड़ी से लाया गया और कैंट स्थित सेवन एयर फोर्स अस्पताल में रखा गया। रविवार सुबह करीब आठ बजे उसका शव घर लाया गया। यहां पहले से ही हजारों लोग सूरज के अंतिम दर्शन को खड़े थे। सूरज के पार्थिव शरीर को जैसे ही गाड़ी से उतारा गया, पिता सुरेश, मां रमाधुरी, भाई दीपक, आकाश उससे लिपटकर रोने लगे। एक घंटे बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। भाई दीपक ने मुखाग्नि दी। घाट पर स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर बीएन शर्मा, कमांड अधिकारी कर्नल सुमित कपूर, स्टेशन हेड क्वार्टर कैंट के एडम कमांडेंट कर्नल अनिर्बन दत्ता, 20 अफसर, 40 जूनियर कमीशन व 150 सैनिकों समेत हजारों लोग मौजूद रहे।
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पार्क में समाधि स्थल बनाए जाने की मांग

सूरज की लाश घर पर पहुंचते ही मचा कोहराम - फोटो : अमर उजाला
दोपहर को पीड़ित परिवार के घर पहुंचे विधायक सतीश महाना से परिजनों और मोहल्ले वालों ने क्षेत्र के पार्क में सूरज का समाधि स्थल बनाए जाने की मांग की। विधायक ने प्रशासनिक व नगर निगम अफसरों से बातचीत करने का भरोसा जताया। सैनिक को श्रद्धांजलि देने न तो कोई अफसर पहुंचा और न ही कोई नेता। यहां तक क्षेत्रीय थाने का एक सिपाही भी नहीं मौजूद था। 
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