शहीद की फाइल फोटो, रोते-बिलखते परिजन, गॉड ऑफ ऑनर देते सेना के जवान
शहीद जवान को अंतिम विदाई देने पहुंची हर 'आंख से आंसू' छलक रहे थे। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बीएसएफ हेडक्वार्टर में तैनात असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर कवलजीत (30) का पार्थिक शरीर कानपुर उनके घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। मंगलवार 11 बजे राजकीय सम्मान के साथ शहीद जवान का पार्थिक शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। शहीद कमल के घर से कुछ दूरी पर स्थित क्रिकेट मैदान में उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि छोटे भाई ने दी।
साथी जवान सोमवार रात शव लेकर घर पहुंचे थे
छत्तीसगढ़ में रविवार दोपहर हुए सड़क हादसे में कानपुर शहर निवासी बीएसएफ जवान की मौत हो गई थी। वह पनकी गंगागंज भाग-2 निवासी थे। उसके पार्थिव शव को एयर एंबुलेंस से अमौसी एयरपोर्ट लाया गया। वहां से देर रात सोमवार को बीएसएफ की एंबुलेंस से शव को घर पर लाया गया। शव को देखते ही घर में कोहराम मच गया था।
कानपुर पनकी गंगागंज भाग-2 निवासी राम बालक यादव निजी स्कूल में हेड मास्टर हैं। परिवार में पत्नी विजय लक्ष्मी, दो बेटे कवलजीत (30), अश्वनी और बेटी सोनम है। कवलजीत सबसे बड़ा था। वह दुर्ग स्थित बीएसएफ के नेशनल हेड क्वार्टर में एएसआई (टेक्नीशियन) पद पर कार्यरत थे। कवलजीत की 2011 में नेहा से शादी हुई थी। उसके पांच साल का बेटा करन है। कवलजीत रविवार दोपहर विभागीय काम से बाइक से नेहरू नगर जा रहे थे। वह कौशल पंप के पास पहुंचे थे कि तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। वह बाइक से गिरने से ट्रक के पिछले पहिये की चपेट में आ गए। इससे उनकी मौके पर मौत हो गई। छत्तीसगढ़ पुलिस ने पीछा कर ट्रक चालक को पकड़ लिया। सोमवार रात साथी जवान शव को लेकर घर पहुंचे। कवलजीत छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की कॉम्बिंग करने जा रहे थे तभी ये हादसा हो गया।