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Kanpur News: लेजर डिजाइन और पीतल के बर्तनों की सबसे ज्यादा मांग

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दुकान में सजे बर्तन।  - फोटो : स्वयं
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कानपुर। धनतेरस के लिए शहर का बर्तन बाजार भी सज गया है। बर्तन पर जीएसटी में सात प्रतिशत की दर कम होने से कारोबारियों में भी खासा उत्साह है। ग्राहकों को लुभाने के लिए लेजर डिजाइन वाले बर्तनों की जबरदस्त मांग है।
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इसके अलावा पीतल के बने बर्तनों की मांग सालों बाद देखी जा रही है। अधिक आर्डर मिलने पर कारोबारी लेजर प्रिंटिंग डिजाइन वाले बर्तनों पर लोगों की या अलग-अलग भगवान की फोटो की छवि भी बनवाई जा सकती है। कॉपर और पीतल से बना जग, मटका पवाली और नक्काशी वाला लोटा भी बाजार में आया है।
धनतेरस पर सबसे ज्यादा बर्तनों की बिक्री होती है। शहर के भूसाटोली में बर्तनों का थोक बाजार है। इसके अलावा शहर भर में फुटकर दुकानें लगती हैं। थोक बाजार से ही पूरे शहर और आसपास के जिलों में बर्तनों की सप्लाई की जाती है। उप्र बर्तन व्यापार संघ के अध्यक्ष ईश्वर सिंह वर्मा ने बताया कि धनतेरस पर लोगों के लिए लेजर प्रिंटिंग वाले वाले बर्तनों की बहुत अच्छी मांग है। अलग-अलग प्रकार की थाली, कटोरी, गिलास लाए गए हैं।
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लेजर प्रिंटिंग वाले बर्तनों की ही मांग है। ये देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं। इन बर्तनों में फूल-पत्ती, कार्टून के साथ ही अलग-अलग भगवान की छवि या ग्राहक खुद अपनी छवि की चित्रकारी करवा सकता है। हालांकि ये बर्तन केवल बल्क आर्डर और ऑन डिमांड पर ही उपलब्ध है। रंग बदलने वाला गिलास 100 रुपये प्रति पीस है। उन्होंने बताया कि बर्तनों पर पहले 12 प्रतिशत जीएसटी लगता था। अब इस पर 5 प्रतिशत जीएसटी कर दिया गया है। इस बार बहुत अच्छी मांग दिख रही है।
श्री बर्तन उद्योग व्यापार मंडल के कोषाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि धनतेरस पर सबसे ज्यादा बर्तन बिकते हैं। मांग भी अच्छी दिख रही है। जीएसटी घटने के बाद दाम कम हो गए हैं। इसका असर बाजार पर दिख रहा है। पीतल-कॉपर मिक्स वाले बर्तन भी बाजार में हैं। नक्काशी वाले बर्तनों की मांग बढ़ती जा रही है।

मूर्तियों-खील खिलौना को बाजार भी सजा

गणेश लक्ष्मी की मूर्तियों का बाजार भी कलक्टरगंज में सज गया है। बाजार में मांग भी बहुत अच्छी है। दो फीट से लेकर चार फीट तक की मूर्तियां बाजार में आई हैं। बड़ी मूर्तियों में सजावट की गई है। थोक बाजार से ही पूरे शहर में और आसपास के जिलों में सप्लाई की जाती है। एक्सप्रेस रोड, कैनाल रोड पर खील-खिलौना, लइया, गट्टा, चूरा आदि का बाजार भी सज गया है। चीनी के भाव अधिक होने से खिलौना, गट्टा के दाम कुछ तेज हैं। लइया का भाव भी ज्यादा है।
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