आवास विकास परिषद अपनी योजना में खाली पड़े बड़े भूखंडों को छोटा कर बेचेगा। बड़े भूखंडों को खरीदार न मिल पाने के कारण अधिकारियों ने यह फैसला किया है। ऐसे प्लाटों की सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही नीलामी के जरिए शहरवासियों को परिषद की विकसित कालोनियों में भूखंड खरीदने का मौका मिलेगा।
रीयल एस्टेट सेक्टर में मंदी के चलते कम कीमत वाली संपत्तियों के लिए सीमित संख्या में खरीदार मिल भी रहे हैं, लेकिन बड़ी और महंगी संपत्तियों के खरीदार नदारद हैं। हजार से तीन हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल वाली परिषद की संपत्तियां कई बार नीलामी में लगाने के बावजूद नहीं बिक सकी हैं।
परिषद अधिकारियों के मुताबिक छोटे भूखंडों की डिमांड के मद्देनजर बड़े भूखंडों को कई भागों में बांटकर बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए भूखंडों का नया लेआउट प्लान बनाया जाएगा।