भू-माफिया गजेंद्र सिंह नेगी को कानपुर जेल से हटाकर महाराजगंज जेल भेज दिया गया है। शासन से आए आदेश के बाद शनिवार दोपहर को उसे यहां से महाराजगंज जेल रवाना कर दिया गया। वह 20 सितंबर को गिरफ्तार होने के बाद से कानपुर जेल में बंद था। अब वह अपने मामलों की सुनवाई में वहीं से पेशी पर आया करेगा। नेगी के खिलाफ लोगों को धमकाकर वसूली करने, जान से मारने की धमकी देने और जमीन कब्जाने जैसे एक दर्जन मामले कल्याणपुर, रावतपुर, पनकी थानों में दर्ज हैं। बीते दिनों उसके पीड़ितों ने लखनऊ में सीएम से उसकी जेल बदलने की गुहार लगाई थी।
ऑपरेशन महाकाल के तहत गजेंद्र सिंह, उसके भाई सुमित और सुखवीर के खिलाफ एक के बाद एक 12 केस दर्ज किए गए थे। सभी में फ्लैट और जमीन के नाम पर रुपये लेने व बाद में जमीन न देने और रुपये वापस मांगने पर धमकाने के आरोप थे। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद आरोपी की तलाश शुरू की। हालांकि, तत्कालीन रावतपुर इंस्पेक्टर से मिलीभगत का फायदा उठाकर कई दिनों तक वह पुलिस के चंगुल से बचता रहा। इसके बाद 20 सितंबर को इंस्पेक्टर को भी भनक नहीं लग पाई और क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बीते दिनों नेगी के सताए पीड़ितों में शामिल रहे व्यापारी विवेक गुप्ता व अन्य ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाकर उसे कानपुर जेल से कहीं और भेजने की गुहार लगाई थी। दावा किया था कि कानपुर जेल में रहने के दौरान वह मुकदमे की विवेचना को प्रभावित कर सकता है। केस दर्ज कराने वालों पर अपने गैंग के लोगों से दबाव बना सकता है। शासन से कानपुर जेल के अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय को उन्हें पुलिस अभिरक्षा में महाराजगंज जेल भेजने के लिए आदेश दिया गया।