कानपुर। ऑडिट रिपोर्ट न आने से लाल इमली मिल कर्मचारियों का बकाया भुगतान नहीं हो पा रहा है। अब तक केवल छह महीने का ही भुगतान किया गया है। 29 मई को ऑडिट की प्रक्रिया करके सात सदस्यीय टीम भी लौट गई थी। वहीं, भुगतान प्रक्रिया लटकने से कर्मचारियों में गुस्सा है। उन्होंने सांसद को पत्र लिखा है। सांसद ने कपड़ा मंत्री को पत्र भेजकर वेतन भुगतान में देरी की जांच कराने के लिए कहा है।
कपड़ा मंत्रालय ने 16 मई को 87.42 करोड़ रुपये जारी किए थे। ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद बकाया भुगतान होना था। ऑडिट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिपोर्ट अब तक नहीं सौंपी गई है। कर्मचारियों की मांग है कि बकाया भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए। बीआईसी, लालइमली और धारीवाल मिल में अब 260 कर्मचारी ही बचे हुए हैं। लाल इमली में 175 कर्मचारियों और अफसर हैं। लाल इमली मिल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि संघ ने सांसद रमेश अवस्थी से मुलाकात की थी। इसमें कपड़ा मंत्रालय से धन आने के बाद भी अब तक बकाया भुगतान न होने की बात कही थी। पूर्व में हुए वेतन और डैमरेज शुल्क भुगतान में हुए घोटाले की भी जानकारी दी गई थी। इस पर सांसद ने कपड़ा मंत्री को पत्र लिखा है।
मुंबई बुलाए गए दो अन्य आरोपी
कानपुर। लाल इमली मिल में हुए 52 लाख रुपये के घोटाले में दो आरोपियों से कपड़ा मंत्रालय के चीफ विजिलेंस अफसर (सीवीओ) ने 19 जून को मुंबई में पूछताछ की थी। दो आरोपी स्वास्थ्य कारणों से वहां नहीं गए थे। सूत्रों ने बताया कि दोनों को मुंबई बुलाया गया है। मालूम हो कि बंदी के मुहाने पर खड़ी लाल इमली मिल में जो कर्मचारी काम नहीं करते थे, उनके खातों में 23 लाख रुपये भेज दिए गए थे। इसके अलावा डैमेज शुल्क में 29 लाख की गड़बड़ी मिली थी। कर्मियों के भुगतान के आंतरिक मूल्यांकन में सीएमडी और उच्च अफसर ने बड़ी गड़बड़ी पकड़ी थी। पता चला था कि दिनेश कुमार, रामआसरे और सुनैना देवी नाम के व्यक्तियों के खाते में अलग-अलग सात से साढ़े आठ लाख रुपये डाले गए थे। दिनेश कुमार और रामआसरे के खाते चंदौली वाराणसी के थे। ये सभी खाते मार्च 2023 में खोले गए थे, जबकि रुपये जुलाई 2023 में आने थे। मिल में किसी का नया खाता नहीं खुलता है। किसी कर्मचारी के निधन पर उनके वारिस का ही बैंक खाता जांच के बाद खोला जाता है। लेकिन यहां अफसरों ने मिलीभगत करके तीन नए खाते खुलवाए और बाद में रकम भी भेज दी गई। मामले में विभागाध्यक्ष वित्त राकी सेठी, लाल इमली मिल इंचार्ज बीके मौर्या, अकाउंट अफसर विनय मिश्रा, धनराशि स्वीकृत करने वाले अधिकारी मनोज शुक्ला पर कार्रवाई की गई थी। इसमें से मनोज शुक्ला और विनय मिश्रा से सीवीओ ने पूछताछ की है। बीके मौर्या और राकी सेठी को भी तलब किया गया है।