आरपीएफ चौकी पनकी से लापता लखन के मामले में बुधवार को पनकी रेलवे स्टेशन पर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी शुरू हुई। आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट टूंडला सीपी सिन्हा ने यहां आकर छानबीन की। वह तीन घंटे तक आरपीएफ चौकी पर रहे।
सूत्रों के मुताबिक उन्हें ड्यूटी रजिस्टर में गड़बड़ी मिली। आरपीएफ के 11 के स्टाफ में दस लोग मौजूद मिले। एक कांस्टेबल मुकेश को छुट्टी पर बताया गया। रजिस्टर में निर्धारित ड्यूटी से विपरीत ड्यूटी भी लगी मिली। इस पर असिस्टेंट कमांडेंट ने हैरानी जताई।
बताया गया कि नियमत: आरपीएफ ड्यूटी रात 12 बजे से सुबह आठ बजे, सुबह आठ बजे से चार बजे और शाम चार बजे से रात 12 बजे तक होती है। लेकिन, यह पाया गया कि घटना वाले दिन जब समीर और लखन को पकड़ा गया था तब ड्यूटी शाम चार से न लगकर रात आठ बजे से रात एक बजे तक लगी थी। नामजद आरोपी सिपाही राजीव पाठक के साथ एक और कांस्टेबल का नाम भी खुला।
दोनों की ड्यूटी एक साथ लगी थी। असिस्टेंट कमांडेंट ने इमरजेंसी ड्यूटी लगाने का रिकॉर्ड भी चेक किया। ड्यूटी रजिस्टर समेत कई रिकार्ड की फोटोकापी अपने साथ ले गए। कमांडेंट के साथ इंस्पेक्टर (जीएमसी) जीडी शर्मा और लोकल स्टाफ मौजूद रहा। असिस्टेंट कमांडेंट से जब उनकी इंक्वायरी के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि यह गोपनीय है। वह अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ अफसरों को सौपेंगे। जो कार्रवाई या निर्देश होना है, वहीं से होगा।