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'जानलेवा ईयरफोन' पलक झपकते ही काल के गाल में समा गई युवती, मचा कोहराम

Sat, 05 Jan 2019 12:18 AM IST
प्रशांत कुमार क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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ईयरफोन की डेमो पिक, सुप्रिया भाटिया की फाइल फोटो
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ईयरफोन लगाकर मोबाइल पर बात करना महिला फार्मेसिस्ट के लिए मौत का सबब बन गया। कानपुर में कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) में सीनियर फार्मेसिस्ट पद पर कार्यरत सुप्रिया भाटिया (30) की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई। हादसा स्वरूप नगर में गोल चौराहे के पास स्थित रेलवे ट्रैक पर हुआ। 
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कृष्णानगर, चकेरी निवासी पृथ्वीराज भाटिया की छोटी बेटी सुप्रिया जाजमऊ स्थित ईएसआईसी हॅास्पिटल में तैनात थीं। चार महीने पहले उनका तबादला सर्वोदय नगर स्थित ईएसआईसी के क्षेत्रीय कार्यालय हुआ था। चचेरे भाई लुपिन भाटिया के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 8:30 बजे सुप्रिया घर से दफ्तर जाने के लिए निकली थीं। गोल चौराहे पर टेंपो से उतरने के बाद वह पैदल दफ्तर जा रही थीं। इस दौरान कॉल आने पर वह ईयरफोन लगाकर किसी से बात करने लगी।
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सुप्रिया रेलवे ट्रैक पार कर रही थीं तभी उनका बैग गिर गया

गोल चौराहे पर सुप्रिया रेलवे ट्रैक पार कर रही थीं तभी उनका बैग गिर गया। वह बैग उठाने झुकी तभी अनवरगंज से फर्रुखाबाद की तरफ जा रही पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गईं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस बीच सुप्रिया के मोबाइल पर कार्यालय से फोन आ गया। हादसे के बाद वहां एकत्र लोगों में से एक युवक ने फोन रिसीव कर उनके सहकर्मी को घटना की जानकारी दी। सुप्रिया की मौत की खबर सुनकर तमाम सहकर्मी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। 
 
घर में मचा कोहराम 
सुप्रिया की मौत की खबर घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। सुप्रिया ने वर्ष 2009 में ओखला इंडस्ट्रियल स्टेट, नई दिल्ली स्थित हॉस्पिटल में नौकरी ज्वाइन की थी। बड़ी बहन की शादी के बाद उन्होंने वर्ष 2017 में माता-पिता की देखरेख के लिए जाजमऊ स्थित ईएसआईसी में ट्रांसफर करवा लिया था।
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