कानपुर। श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्यस्थल को अधिक सुरक्षित, कार्य सुगम बनाने, रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी है। इससे कानपुर समेत प्रदेश के 10 करोड़ श्रमिकों को सामाजिक, आर्थिक स्थित मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि नई नियमावलियां से प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश में कारखाना अधिनियम के तहत कुल 33450 पंजीकृत कारखाने हैं जिनमें कुल 3,84,0075 श्रमिक कार्यरत हैं। इसमें 2,11,744 महिला कामगार भी हैं। प्रदेश में उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान अधिनियम 1962 के अंतर्गत 9,73,475 दुकान में वाणिज्यिक प्रतिष्ठान पंजीकृत हैं जिनमें 4,36,8810 श्रमिक कार्यरत हैं।
उन्होंने बताया कि असंगठित श्रमिक, गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स तक सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा। ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के लगभग 8.47 करोड़ श्रमिक पंजीकृत हैं जो सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी कारखाना और व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालक नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों का पालन करें।
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श्रमायुक्त ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण
कानपुर। सितंबर में पहली बार होने वाले श्रमिक सम्मान एवं स्वास्थ्य मेले की तैयारियों के संबंध में बृहस्पतिवार को श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने अफसरों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद आईआईए के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बताया गया कि आईआईए भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण में 10 हजार श्रमिकों की जांच कराई जाएगी। इस मौके पर राकेश अग्रवाल, केसी झा, शमीम अख्तर, आलोक अग्रवाल, सचिन यादव, डाॅ. गायत्री आदि मौजूद रहे।