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Kanpur News: दिन भर बारिश में भीगा कुंभकरण, रात में जले पुतले

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परेड रामलीला मैदान पर जलता कुंभकरण का पुतला। - फोटो : संवाद
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कानपुर। बंधु बचन सुनि चला बिभीषन, आयउ जहं त्रैलोक बिभूषन, नाथ भूधराकार सरीरा, कुंभकरन आवत रनधीरा। मंगलवार को रामलीला के मंचों पर यह चौपाई गूंजने लगी। इसके साथ ही मंच पर कुंभकरण का प्रवेश हुआ और भयंकर युद्ध शुरू हो गया। श्रीराम के एक बाण से पर्वत के आकार जैसा कुंभकरण धराशायी हो गया। हर तरफ जय-जय श्रीराम के उद्घोष गूंजने लगे। हालांकि सुबह से हो रही बारिश के चलते कुंभकरण के पुतले भीग गए थे।
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परेड और चंद्रिका देवी में कुंभकरण का पुतला दहन भी किया गया। शहर के अधिकतर मैदानों पर मंगलवार को रामलीला मंचन में कुंभकरण वध सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। बारिश के बाद कीचड़ की वजह से दर्शक कम पहुंचे लेकिन मैदान पर मौजूद लोगों में रामलीला को लेकर उत्साह दिखा। मेस्टन रोड स्थित लीला भवन से शोभायात्रा निकाली गई।

परेड के रामलीला मैदान पहुंचने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीष महाना, महापौर पृमिला पांडेय सहित सोसाइटी के पदाधिकारियों ने भगवान की आरती की। यहां विभीषण-रावण संवाद, सेतुबंध की लीला, मेघनाथ युद्ध, कुंभकरण युद्ध का मंचन किया गया।
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अंत में प्रभु श्रीराम के हाथों कुंभकरण के वध के साथ ही मैदान पर उसका पुतला भी दहन किया गया। आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। यहां वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गर्ग, प्रधानमंत्री कमलकिशोर अग्रवाल, मंत्री अमरनाथ मेहरोत्रा, आलोक अग्रवाल, संरक्षक राकेश गर्ग, राजीव अग्रवाल, उपाध्यक्ष वीरेंद्र अग्रवाल आदि रहे।

श्री रामलीला कमेटी चंद्रिका देवी में विभीषण शरणागत, रावण-अंगद संवाद, चार फाटक की लड़ाई, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण वध का मंचन किया गया। अंत में आतिशबाजी के साथ कुंभकरण का पुतला दहन हुआ। यहां कमेटी के अध्यक्ष सुनीत त्रिपाठी, उपाध्यक्ष विजय त्रिवेदी बाबा, वीरेंद्र प्रजापति, प्रधानमंत्री आकर्ष वाजपेई, कोषाध्यक्ष पुनीत त्रिपाठी, सहायक मंत्री रमाशंकर अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
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