कानपुर। केपीएम के सीएमएस ने अपने ही अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर शर्मा को 1.82 लाख रुपये का बिल भेजा है। यह बिल उन्हें फरवरी 2024 से प्राइवेट रूम में भर्ती उनकी मां शांति देवी के इलाज का दिया है। सीएमएस के अनुसार चिकित्सक ने मां का इलाज और प्राइवेट रूम निशुल्क कराने के लिए अस्पताल प्रशासन को कोई पत्र नहीं लिखा है। इसके चलते 27 जून 2025 तक का बिल उन्हें दिया है। अस्पताल में प्राइवेट रूम का चार्ज 335 रुपये प्रतिदिन है।
सीएमएस का कहना है कि ऐसे मामलों में तीमारदार की ओर से अस्पताल प्रशासन को अवगत कराना जरूरी होता है। इसके लिए एक प्रार्थना पत्र देना होता है और भर्ती करने वाले का अनुमोदन आता है। डॉ. सुधीर ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी। रोगी को प्राइवेट रूम के कमरे में भर्ती कर अपनी देखरेख में इलाज शुरू कर दिया। कमरा फरवरी 2024 से खाली नहीं हुआ। बीच में दो से चार बार रोगी को शाम को छुट्टी दिलाई और सुबह फिर से भर्ती कर दिया। इससे अन्य रोगियों को परेशानी हो रही है। अब जब उन्हें बिल भेजा गया तो उनकी तरफ से इसे निशुल्क करने के लिए प्रार्थना पत्र आया है, जो कि तय तारीख का नहीं है। ऐसे में मेरे पास भी इतना बिल माफ करने का अधिकार नहीं है। अगर वह बिल नहीं भरते हैं तो मामले में एडी ऑफिस में जानकारी दी जाएगी।
सीएमएस ने बताया कि 17 महीने में उनकी चार बार ही फाइल बनी हैं, जबकि हर 15 से 20 दिन में नई फाइल बनती है। सबसे अंत में मार्च में उनकी फाइल बनी थी, क्योंकि चार पन्ने की फाइल में इतने महीनों में कितना इलाज लिखा जाएगा। वहीं, डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि वह और उनकी मां सरकारी कर्मचारी हैं। ऐसे में उनसे बिल नहीं पड़ता है। प्रार्थना पत्र क्यों नहीं दिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि सीएमएस को मामले की जानकारी थी।