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चेक बाउंस के इन मामलों से सबक लें और भूलकर भी न करें ये गलती

Thu, 09 Aug 2018 05:27 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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बैंक ट्रांजेक्शन करने, किसी को चेक देने से पहले अपने खाते का विवरण व बैंक नियमों को जानना बेहद जरूरी है। इसे नजरअंदाज करने पर आपको न्यायायिक दण्ड भुगतना पड़ सकता है। जानें कुछ मामले... 
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दो चेक बाउंस होने के मामले में अतिरिक्त न्यायालय द्वितीय सुरेश चंद्र सविता ने अभियुक्त को एक साल कैद की सजा सुनाई है। 1.40 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसमें से 1.35 लाख रुपये परिवादी को मिलेंगे, जबकि पांच हजार सरकारी खजाने में जमा होंगे। जुर्माना न अदा करने पर तीन माह की कैद और काटनी होगी।
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कानपुर में चकेरी के विमानपुर सनिगवां रोड निवासी सरित पाल ने अपनी टेंपो बेचने के लिए यशोदा नगर निवासी राजेश पांडेय से 2.70 लाख में सौदा किया था। राजेश ने 60-60 हजार की तीन चेक सरित को दीं। एक चेक का भुगतान तो हो गया लेकिन बाकी की दो अपर्याप्त धन के कारण बाउंस हो गईं। सरित ने नोटिस भेजा लेकिन भुगतान नहीं किया गया जिसके बाद उसने 23 अप्रैल 2013 को कोर्ट में परिवाद दर्ज कर दिया।

महिला को तीन माह की कैद
चेक बाउंस होने पर एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी महिला को एसीएमएम सप्तम विराट कुमार श्रीवास्तव ने तीन माह की कैद और 1.50 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया है। लाल बंगला निवासी विलायती लाल लांबा के मकान में हरजेंदर नगर निवासी श्वेता तिवारी ने किराए पर दुकान ली थी। उन पर किराये के 77,800 रुपये बकाया था। इसके भुगतान के लिए श्वेता ने चेक दी, जो बाउंस हो गई। इस पर विलायती ने श्वेता के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया था।
 
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