कानपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में इनवायरमेंट, हेल्थ एंड बायोसाइंसेज विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया। केजीएमयू लखनऊ के फार्मोकोलॉजी विभाग के प्रो. राकेश कुमार दीक्षित ने बताया कि अब योग का ट्रेंड बदल गया है।
विज्ञापन
2 of 5
डेमो पिक
अगर किसी को योग और ध्यान करने के लिए समय नहीं मिल रहा है तो वह वॉकिंग मेडिटेशन करके मन और शरीर तरोताजा कर सकता है।
विज्ञापन
3 of 5
डेमो पिक
बताया कि कॉरपोरेट कल्चर में इसका ट्रेंड काफी बढ़ गया है। इस मेडिटेशन में आपको शांत होकर केवल पॉजिटिव सोच रखनी होगी। हालांकि शुरुआत में आपके दिमाग में कई तरह की बातें चलेंगी। उससे दूर न भागिए, उसे आने दीजिए।
4 of 5
डेमो पिक
उस पर कोई रिएक्शन न करिए। थोड़ी देर बाद यह अपने आप समाप्त हो जाएगी। बताया कि योग करने का कोई तय समय नहीं होता है। जब भी आपको समय मिले आप योग कर सकते हैं। प्रो. दीक्षित ने लोगों को योग गुरुओं द्वारा प्रचारित किए जा रहे भ्रम से भी दूर रहने की सलाह दी।
कहा कि अगर आपको कोई बीमारी हो गई है तो योग बीमारी से लड़ने के लिए सकारात्मक मजबूती दे सकता है लेकिन उस बीमारी को दवा ही सही करेगी। इसलिए योग के साथ अपनी दवाओं को जारी रखें। दूसरों के बहकावे में न आएं।