उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी पद पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुलखान सिंह की नियुक्ति ने बुंदेलखंड और खासकर बांदा जनपद को खुशी का एक नया और नायाब मौका दिया है। सुलखान सिंह बांदा जिले के बाशिंदे हैं। उनका पैतृक गांव जौहरपुर है।
सुलखान सिंह के गांव जौहरपुर में जश्न
खासकर सुलखान सिंह के पैतृक गांव जौहरपुर में जश्न जैसा माहौल रहा। बांदा-फतेहपुर की सीमा पर यमुना किनारे आबाद जौहरपुर गांव की आबादी लगभग 10 हजार है। 20 किलोमीटर दायरे में फैला है। श्री सिंह के पिता लाखन सिंह व भाई इत्यादि यहीं आबाद हैं। वह चार भाइयों में सबसे बडे़ हैं।
पैतृक गांव और बांदा में की पढ़ाई
आठवीं तक की पढ़ाई गांव में ही की। हाईस्कूल 1973 में तिंदवारी से और इंटर 1975 में आदर्श बजरंग इंटर कालेज (बांदा) से किया। रूढ़की में इंजीनियरिंग की। पिता व भाई आदि भी काश्तकारी से जुडे़ हैं।
बांदा के साधारण किसान का बेटा बना डीजीपी
जौहरपुर के पूर्व प्रधान बलवान सिंह बताते हैं कि सुलखान सिंह बेहद सरल स्वभाव के हैं। साधारण घराने और कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने पढ़ाई की। वह जब कभी भी गांव आते हैं, सबसे उसी मिलनसार स्वभाव और सादगी से मिलते हैं। उनके स्वभाव से गांव के लोग यह नहीं महसूस कर पाते कि पुलिस के एक बडे़ अधिकारी से वह मिल रहे हैं।
गांव से लेकर स्कूलों तक खुशियां
आदर्श बजरंग कालेज में उन्हें पढ़ाने वाले पूर्व शिक्षक बाबूलाल गुप्त बताते हैं कि छात्र जीवन से वह ईमानदार थे। हाल ही में उन्होंने बांदा मुक्तिधाम के लिए अपने पास से कुछ आर्थिक सहयोग किया। आदर्श बजरंग इंटर कालेज के मौजूदा प्रधानाचार्य मेजर मिथलेश पांडेय ने भी बांदा के बेटे के पुलिस मुखिया बनने पर खुशी जताते हुए बधाई दी है।