निजी शीतगृहों में रखे आलू पर 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सहायता
पोर्टल पर पंजीयन के बाद डीबीटी से होगा भुगतान
माई सिटी रिपोर्टर
कानपुर। निजी शीतगृहों में आलू भंडारित करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। शासन ने आलू के भंडारण प्रभार पर अनुदान योजना लागू कर दी है। इसके तहत किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान मिलेगा। एक किसान को अधिकतम 200 क्विंटल आलू पर 20 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। अनुदान की राशि आधार सीडेड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
जिला उद्यान अधिकारी उमेश चंद्र उत्तम ने बताया कि योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने निजी शीतगृहों में अपना आलू भंडारित किया है। लाभ लेने के लिए किसानों को उद्यान विभाग के potato.uphorticulture.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। इसके बाद भंडारित आलू की घोषणा और विभागीय सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी।
पहले पंजीयन, फिर सत्यापन और भुगतान
योजना में किसान को पहले पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद भंडारण की घोषणा की जाएगी। किसान के रोपित आलू क्षेत्रफल का निर्धारण खसरा-खतौनी के आधार पर किया जाएगा। निजी शीतगृह में जमा आलू की रसीद भी सत्यापन का आधार होगी। आलू की निकासी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के बाद ही किसान को अनुदान के लिए पात्र माना जाएगा।
ये दस्तावेज जरूरी
अनुदान के लिए किसान को फोटोयुक्त वैध पहचान पत्र, आधार कार्ड की प्रति, बैंक पासबुक और चेकबुक की प्रति देनी होगी। बैंक संबंधी दस्तावेज में खाताधारक का नाम, खाता संख्या और आईएफएससी कोड स्पष्ट होना चाहिए। इसके अलावा खसरा-खतौनी में रोपित आलू का क्षेत्रफल और निजी शीतगृह से जारी भंडारण पर्ची की प्रति भी देनी होगी।