अब बेटा, बहू, बेटी और पत्नी के खाते में भी किसान की सम्मान निधि की राशि भेजी जा सकेगी। कानपुर समेत आसपास के जिले के हजारों किसानों को दूसरों के खाते का ब्योरा देने के कारण सम्मान निधि नहीं दी जा रही थी। ऐसे 16 हजार 220 आवेदकों का फिर से सत्यापन कराया जा रहा है। जानकारी जुटाई जा रही है कि खाता न होने के कारण जिन किसानों ने दूसरों का नंबर दिया था, वह उनके बेटे, बेटी या पत्नी का है या नहीं।
केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के लिए सम्मान निधि योजना लागू की थी। इसके तहत दो हेक्टेयर से कम जमीन वाले किसानों को छह हजार रुपये सालाना दिया जाना था। योजना के तहत लाभ पाने वाले किसान के परिवार का कोई सदस्य संवैधानिक पद पर नहीं होना चाहिए।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को छोड़कर अन्य किसी पद से सेवानिवृत्त होकर पेंशन पाने वाला नहीं होना चाहिए। उप निदेशक कृषि धीरेंद्र कुमार ने बताया कि तहसील से सत्यापन के बाद जिले में दो लाख 53 हजार 620 किसान पात्र पाए गए थे।
इनमें से 16 हजार 220 आवेदकों का ब्योरा सॉफ्टवेयर में मिस मैच हो गया था, इसलिए सम्मान निधि की राशि नहीं भेजी जा सकी है। अब आदेश आ गया है कि अगर किसान ने अपने बेटे, बेटी या पत्नी का खाता नंबर दिया है तो उसमें राशि ट्रांसफर की जाए, इसलिए तहसील से सत्यापन कराया जा रहा है।