कानपुर। 300 किसानों पर एक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) बनेगा, जिसको दो करोड़ रुपये तक का ऋण शासन से उपलब्ध कराया जाएगा। यह एफपीओ किसानों को तकनीकी एवं कृषि के विभिन्न पहलुओं पर सहायता कर बाजार उपलब्ध कराएगा और उन्हें सशक्त बनाने का माध्यम होगा। यह जानकारी केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी (कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय) ने दी। वे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (अटारी) और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय 27वीं वार्षिक कृषि विज्ञान केंद्रों की ऑनलाइन क्षेत्रीय कार्यशाला में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि कृषि में लागत घटाना, अच्छे बीज की उपलब्धता, गांव स्तर पर उत्पादों के भंडारण की व्यवस्था, जैविक खेती व कृषि उत्पादों के विपणन की उचित व्यवस्था समुचित रूप से हो जाए तो किसानों को दोगुनी आय प्राप्त हो सकेगी। इस दौरान सीएसए के कुलपति डॉ डीआर सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों की वेतन, भत्ते एवं अन्य मांगों को उठाया। ऑनलाइन कार्यशाला में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्रों को नॉलेज सेंटर के रूप में विकसित कर किसानों को हाईटेक करें।
प्रत्येक वैज्ञानिक दो गांव का चयन कर मनरेगा की मदद से एकीकृत फसल प्रणाली एवं जैविक खेती, खाद्य प्रसंस्करण, पैकिंग, मार्केटिंग से किसानों की आय दोगुनी करने का काम करें। अटारी के निदेशक डॉ अतर सिंह, डा. धूम सिंह, प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक आदि ऑनलाइन उपस्थित रहे ।