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कन्नौज के राजा हर्षवर्धन ने ईजाद किया था शतरंज, चतुरंगा नाम था पहले, अब सच्चाई जानेगी दुनिया

Tue, 25 Feb 2020 10:32 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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चेस सेट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Instagram
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पूरे विश्व में खेले जाने वाली शतरंज का ईजाद इत्र और इतिहास की नगरी में हुआ है। दुनिया को यह बताने के लिए जर्मनी की संस्था चैरिटी ट्रस्ट चेस हिस्ट्रोरिकल रिसर्च 27 व 28 फरवरी को शहर में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन कर रही है। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद शहर के आशा होटल और भारतीय पुरातत्व संग्रहालय के हाल में तैयारियां शुरू की गई हैं।
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शतरंज के ईजाद को लेकर चैरिटी ट्रस्ट चेस हिस्ट्रोरिकल रिसर्च संस्था जर्मनी के संस्थापक मैनफ्रेड एजे इडर करीब 20 साल से 50 देशों में प्रतिनिधियों की मदद से शोध कर रहे हैं। 2019 में कन्नौज के राजा हर्षवर्धन के इस खेल की शुरुआत करने के साक्ष्य सामने आए थे।

 

चैरिटी ट्रस्ट चेस हिस्ट्रोरिकल रिसर्च संस्था जर्मनी के संस्थापक मैनफ्रेड एजे इडर - फोटो : अमर उजाला
कन्नौज में पुरातत्व विभाग की मदद से 27 और 28 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय शतरंज सेमिनार का आयोजन रखा गया है। सेमिनार के जरिए संस्था सातवीं सदी में कन्नौज के प्रतापी राजा हर्षवर्धन के चतुरंगा के रूप में शतरंज के ईजाद को साक्ष्यों के आधार पर दुनिया के सामने रखेगी।

केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय ने सेमिनार को लेकर हरी झंडी दे दी है। शहर के आशा होटल और संग्रहालय के हाल में सेमिनार को लेकर तैयारी शुरू की गई हैं। सेमिनार में करीब 75 लोग प्रतिभाग करेंगे। पुरातत्व संग्रहालय अध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय शतरंज सेमिनार के आयोजन के लिए संग्रहालय और आशा होटल में तैयारियां चल रही हैं।

शतरंज सेमिनार को लेकर विदेशी प्रतिनिधियों को भारत आगमन की अनुमति मिल गई है। स्वीडन के डॉ. एल्के रोगर्स डाटर को सरकारी भवन में अभिव्यक्ति और भाषण देने की अनुमति मिली है। जर्मनी के एजे इडर और अन्य लोगों को सरकारी भवन में भाषण और अभिव्यक्ति की अनुमति नहीं मिली है।

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर राजा हर्षवर्धन - फोटो : अमर उजाला
इससे सेमिनार की सरकारी भवन संग्रहालय और निजी भवन आशा होटल में तैयारी चल रही है। अगर इन लोगों को सरकारी भवन में भाषण की अनुमति नहीं मिलती है तो आशा होटल में सेमिनार होगा। संग्रहालय अध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि विदेश मंत्रालय से बुधवार तक अभिव्यक्ति की अनुमति देने की बात कही गई है।

अंतरराष्ट्रीय शतरंज सेमिनार में विदेशी विद्वानों के साथ-साथ देश के इतिहासकारों का समागम होगा। सेमिनार में विदेशी मेहमानों के साथ नई दिल्ली से सी. पांडुरंगा भट्ट निवासी कर्नाटक (फारमर कोआर्डिनेटर मैनेजमेंट सेंटर फार ह्यूमन, वैल्यूज इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कोलकाता), इतिहासकार डॉ. अविनाश मिश्रा (विभागाध्यक्ष प्राचीन भारतीय इतिहास पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग डीएवी कालेज कानपुर), डॉ. राजकुमार रजौरिया (प्रोफेसर प्राचीन भारतीय इतिहास) शामिल होंगे। इसके अलावा शहर के इतिहासकार डॉ. रमेश तिवारी विराम, डॉ. जीवन शुक्ला और तिर्वा से सुदीप शामिल होंगे।

जर्मनी की संस्था चैरिटी ट्रस्ट चेस हिस्ट्रोरिकल रिसर्च के संस्थापक मैनफ्रेड एजे इडर ने जर्मनी में कन्नौज द मौखरी और चतुरंगा नाम की पुस्तक का जर्मन और अंग्रेजी भाषा में प्रकाशन कराया है।

इसमें कन्नौज के इतिहास और शतरंज से जुड़े रहस्यों और साक्ष्यों का जिक्र किया गया है। छह फरवरी 2019 को उन्होंने भारत के महावाणिज्य दूतावास, फ्रैंकफर्ट की कॉसल जनरल प्रतिभा पारकर के साथ इसका विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने जर्मनी में भारत के नाम से एक सोशल साइट भी लांच की।
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