कानपुर। सचेंडी के धरमंगदपुर में 12 साल के एक बच्चे का शव घर में फ ंदे से लटकता मिला। परिजनों ने थाने में आत्महत्या की सूचना दी लेकिन पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की बात पता चली। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। धरमंगदपुर निवासी संतोष सिंह मीता सराय में पेट्रोल पंप पर काम करते हैं। संतोष के चार पुत्र हैं। चारों बेटों में सबसे छोटा धीरेंद्र सातवीं कक्षा में पढ़ता था। संतोष के घर से कुछ दूरी पर संतोष का एक और घर है जो खाली रहता है। मंगलवार को धीरेंद्र का शव उसी खाली घर में खूंटी पर दुपट्टे से लटकता मिला। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर मारने की बात सामने आई। सिर के पीछे की ओर एक गंभीर और चेहरे पर दो चोटें भी मिलीं। एसपी ग्रामीण एस एन तिवारी ने बताया कि पहले पिता ने बताया था कि मां को कैंसर की जानकारी होने पर धीरेंद्र गुमसुम रहता था। इसी कारण धीरेंद्र ने आत्महत्या की है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
हत्या में कई सवाल
मासूम की हत्या क्यों हुई। क्या उसने कुछ ऐसा देख लिया था, जिसको छिपाने के लिए उसे मार दिया गया या उसके साथ कुछ जबरन ऐसा किया जा रहा था जिसका विरोध करना उसकी हत्या की वजह बन गया। पुलिस इन बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।
हत्या के पहले संघर्ष
धीरेंद्र की हत्या से पहले हत्यारे से संघर्ष भी हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आईं चोटों से पता लगता है कि उसके सिर के पीछे भारी चीज से प्रहार किया गया या फिर उसकेसिर को पकड़कर दीवार पर पटका गया। गाल और गले पर आई चोटें भी संघर्ष को बयां करती हैं।
सिकंदरा में पत्नी को पीट-पीट कर मार डाल
सिकंदरा (कानपुर देहात)। थाना क्षेत्र के साखिन बुजुर्ग गांव में पति ने पीट-पीटकर पत्नी की हत्या कर दी। आरोपी पति मौके से भाग निकला।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का सरफराज उर्फ मन्नी मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। हाल ही में उसने अपनी बड़ी पुत्री चांदनी का विवाह औरैया के खानपुर में किया था। उसको विदा करा कर लाने की तैयारी सरफराज और उसकी पत्नी रहीसा बेगम कर रहे थे। मंगलवार को पति-पत्नी राशन सामग्री और अन्य सामान लेने बाजार गए थे। वापस आकर उनमें किसी बात पर कहासुनी हो गई। सरफराज आक्रोशित होकर पत्नी को पीटने लगा। आस-पड़ोस के लोगों ने रहीसा का बचाव किया, तब तक रहीसा मरणासन्न हो चुकी थी। उसे सीएचसी ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया पर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मां की मौत की जानकारी पाकर शाम को बेटी चांदनी भी ससुराल से घर आ गई। थानाध्यक्ष अतर सिंह यादव ने बताया कि सरफराज का छोटा बेटा ट्रक का काम सीखता है, दूसरा बेटा आमिर दृष्टिहीन है। दो और छोटे बच्चे खुशनुमा और सोनू हैं। सरफराज घर से भागा हुआ है। तलाश की जा रही है।