हैलट और मंडल के जिलों के किसी मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की व्यवस्था नहीं है। शहर के एक निजी हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट होता है लेकिन शहर के ज्यादातर गुर्दा रोगी किडनी ट्रांसप्लांट के लिए लखनऊ और दिल्ली जाते हैं। हैलट में किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट चालू होने के बाद कानपुर समेत आसपास के 17 जिलों के रोगियों को राहत मिल जाएगी।
यूरो सर्जरी में छह और नेफ्रोलॉजी में तीन विशेषज्ञ उपलब्ध
सरकारी फीस पर उनका गुर्दा प्रत्यारोपण हो जाएगा। डोनर मिलने के बाद निजी क्षेत्र में किडनी ट्रांसप्लांट कराने पर बहुत अधिक खर्च आता है। डॉ. काला ने बताया कि यूरो सर्जरी और नेफ्रोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ पर्याप्त संख्या में हैं। यूरो सर्जरी में छह और नेफ्रोलॉजी में तीन विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।
विधिक अनुमति के लिए जल्दी शुरू कर दी जाएगी प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डायलिसिस मशीनें पहले आ चुकी हैं। आरओ प्लांट, पाइपलाइन की व्यवस्था की जा रही है। ट्रांसप्लांट यूनिट बनने के पहले डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाएगी। इसके अलावा यूरो सर्जरी के लिए तीन मॉड्युलर ओटी आवंटित कर दी गई हैं। इनका इस्तेमाल भी शुरू हो गया है। विधिक अनुमति के लिए प्रक्रिया जल्दी शुरू कर दी जाएगी।