किडनी कांड में जेल भेजे गए मोहित निगम की किडनी पुलवामा(जम्मू कश्मीर) के एक शख्स को ट्रांसप्लांट होनी थी। पर, मोहित ने जांच करवाने के बाद किडनी देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद डोनर प्रोवाइडरों ने उस पर खर्च किए गए पैसों के बदले में डोनर की मांग की थी।
इसलिए मोहित संगीता को झांसे में फंसाकर दिल्ली ले गया था। एसपी क्राइम राजेश यादव के मुताबिक डोनर प्रोवाइडर गौरव मिश्रा ने मोहित का आधार कार्ड सुरेंद्र पाल सिंह के नाम से बनवाया था। जिसमें पता सैमॉन तराल पुलवामा, जम्मू कश्मीर दर्ज था।