कानपुर किडनी कांड की जांच के लिए बनी पहली एसआईटी के भंग होने के बाद भी उसके अफसरों ने आरोपियों से पूछताछ की। अफसरों ने किडनी रैकेट का खुलासा करने वाली संगीता से चार जून को पूछताछ की। उसके बयान दर्ज किए, जबकि आरोपियों से पैसे लेने के आरोप में कमेटी दो सप्ताह पहले ही भंग की जा चुकी थी। इसके बाद टीम संगीता के पति को दिल्ली ले गई। कई जगह दबिशें दी, लेकिन खास बात यह रही कि किसी को गिरफ्तार नहीं किया। आरोप है कि अफसर वहां से सेटिंग कर शहर लौट आए।
संगीता ने खुद अफसरों को बताया है कि पहले वाले अफसरों ने उससे चार जून को पूछताछ की थी। यह भी बताया कि किडनी के सौदागरों ने उसकी किडनी का सात लाख में दिल्ली के जमीर अहमद से सौदा किया था। सौदागरों ने दस्तावेजों में उसे जमीर की चचेरी बहन दर्शाकर शकीना से फर्जी दस्तावेज तैयार कराए थे। इन सबूतों के आधार पर एसआईटी और लोगों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
एसएसपी ने किडनी कांड की विवेचना में लापरवाही और आरोपियों से पैसा मांगने के आरोप में एसआईटी को भंग कर दिया था। इसमें एसआईटी में शामिल सीओ गोविंद नगर का तबादला करने के साथ ही बर्रा इंस्पेक्टर, एसएसआई और दरोगा को लाइन हाजिर किया था। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी भंग किए जाने के बाद भी पुराने अफसरों ने खुद को कार्रवाई से बचाने के लिए बैक डेट में कुछ पर्चे काटे हैं। इस बारे में अफसरों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
कडनी कांड में जिन पुलिस अफसरों ने खेल किया है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी पुलिस अफसरों की जांच एसपी स्तर के अफसर से कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई तय होगी। साथ ही मामले से जुड़े किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। चाहे वह कितना ही बड़ा डॉक्टर या कोई और हो। - आलोक सिंह आईजी
एसआईटी की तीसरी नोटिस पर पीएसआरआई की कोऑडिनेटर सुनीता और मिथुन तीसरी बार नोटिस जारी होने के बाद एसआईटी के समक्ष बयान दर्ज कराने नहीं आए, तो आगे पुलिस उन लोगों का इंतजार नहीं करेगी। एसआईटी आरोपियों का अरेस्ट स्टे रद्द कराने के लिए कोर्ट अर्जी देगी।
सूत्रों के मुताबिक किडनी कांड में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गुरुवार को दिल्ली जाएगी। पीएसआरआई के सीईओ डॉ. दीपक शुक्ला को दिल्ली से दबोचने के बाद एसआईटी अफसरों ने कालिका जी नगर थाने में इसकी सूचना दी थी। डॉ. शुक्ला की गिरफ्तारी की सूचना भी दिल्ली पुलिस को दी गई है।