कानपुर में अवैध तरीके से हुए किडनी ट्रांसप्लांट के फरार आरोपी नवीन पांडेय और शिवम यादव की तलाश तेज हो गई है। पुलिस की दो टीमें हरदोई और प्रयागराज के लिए रवाना हुई हैं। शिवम यादव ट्रांसप्लांट में दवाएं, इंजेक्शन और अन्य सामान मुहैया कराता था जबकि नवीन पांडेय की गिरफ्तारी से अन्य डोनर व रिसीवर की जानकारी सामने आ जाएगी।
कमिश्नरी पुलिस को शिवम अग्रवाल, परवेज सैफी और रोहित तिवारी से कई जानकारियां मिली हैं जिस पर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि शिवम अग्रवाल, परवेज सैफी के बाद रोहित तिवारी ने भी नवीन पांडेय के बारे में कई जानकारी दी हैं। उसने कई किडनी रोगियों को डोनर दिलाए हैं। यह डोनर अलग-अलग शहरों के थे। उनको दिल्ली एनसीआर में ले जाया गया था।
नवीन पांडेय के पकड़े जाने से शहर के अन्य नर्सिंगहोम में हुए किडनी ट्रांसप्लांट की जानकारी सामने आ जाएगी। रोहित तिवारी ने हरदोई के बिलग्राम के शिवम अग्रवाल के बारे में बताया है। उसका कहना है कि शिवम अग्रवाल ही ट्रांसप्लांट के लिए दवाएं, इंजेक्शन और अन्य उपकरण लेकर आता था। सर्जरी मुदस्सर अली सिद्दीकी करता था। एनेस्थीसिया देने की जिम्मेदारी कुलदीप सिंह राघव और राजेश तोमर पर थी। शिवम यादव की तलाश में टीमें हरदोई और नवीन पांडेय के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हो गई हैं। पुलिस शिवम अग्रवाल और रोहित तिवारी का पुलिस कस्टडी रिमांड लेगी।
इसी अस्पताल में चल रहा था किडनी कांड
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अब तक 10 आरोपी गए जेल
अवैध तरीके से हुए किडनी ट्रांसप्लांट मामले में डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश कुशवाहा, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, राजेश तोमर, परवेज सैफी और रोहित तिवारी जेल गए हैं। डॉ. वैभव, डॉ. अफजल, मुदस्सर अली सिद्दीकी, डॉ. अमित, नवीन पांडेय, शिवम यादव समेत लखनऊ के कुछ डॉक्टरों की तलाश है।