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किडनी कांड: गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ और दिल्ली के नर्सिंग होम में अवैध ट्रांसप्लांट, जांच अधिकारी ने की ये मांग

Tue, 07 Apr 2026 06:45 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर

सार

किडनी ट्रांसप्लांट मामले में जांच कर रही पुलिस को गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ और दिल्ली के नर्सिंगहोम में अवैध कार्य होने की जानकारी मिली है। जांच अधिकारी ने वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पत्र भेजा है। इसमें उन्हें अपने स्तर पर जांच कराने और कुछ स्टाफ की जानकारी देने के लिए कहा गया है।
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कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट कांड - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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किडनी ट्रांसप्लांट मामले में जांच कर रही पुलिस को गाजियाबाद, मेरठ, लखनऊ और दिल्ली के नर्सिंगहोम में अवैध कार्य होने की जानकारी मिली है। जांच अधिकारी ने वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को पत्र भेजा है। इसमें उन्हें अपने स्तर पर जांच कराने और कुछ स्टाफ की जानकारी देने के लिए कहा गया है। शहर के सात नर्सिंगहोम भी रडार पर हैं। उन्हें मंगलवार यानी आज नोटिस भेजा जा सकता है।

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पुलिस आहूजा हॉस्पिटल और मेडीलाइफ हॉस्पिटल में हुए किडनी ट्रांसप्लांट में शामिल आरोपियों की तलाश कर रही है। अब तक आहूजा हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सुरजीत आहूजा, डॉ. प्रीति आहूजा, शिवम अग्रवाल, राजेश कुमार, राम प्रकाश, नरेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार तोमर जेल भेजे गए हैं। डॉ. वैभव, डॉ. रोहित, डॉ. अफजल, मुदस्सर अली सिद्दीकी, डॉ. अनुराग, नवीन पांडेय आदि की तलाश चल रही है। राजेश कुमार तोमर और कुलदीप सिंह राघव ने पूछताछ में मेडिलाइफ हॉस्पिटल, आहूजा हॉस्पिटल में आने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की जानकारी दी है। पुलिस उनके घर और नर्सिंगहोम में गई थी। वहां अवैध गतिविधियां होने की जानकारी मिली थी।

किडनी से पहले 18 बीघा जमीन बेच चुका है आयुष
अब तक की जांच में सामने आया कि बेगूसराय का आयुष चौधरी  अपनी गलत संगत के चलते किडनी ही नहीं, गांव की 18 बीघा जमीन भी बेच चुका है। साइबर ठगी के एक मामले में गुजरात पुलिस ने उसे नोटिस भी भेजा है।  
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किडनी ट्रांसप्लांट ग्रुप से जुड़े रहे कई साइबर अपराधी
 किडनी ट्रांसप्लांट ग्रुप से कई साइबर अपराधी और शातिर जुड़े थे। ये रुपये कमाने का लालच देकर युवाओं को छोटे टास्क दिया करते थे। बिहार के बेगूसराय निवासी किडनी डोनर आयुष भी शुरू में उनके दिए टास्क पूरे कर रहा था। यह जानकारी पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच को टेलीग्राम के किडनी डोनर नामक ग्रुप से हुई है। पुलिस की धरपकड़ से अधिकतर साइबर अपराधी किनारे हो गए हैं। उनकी तलाश में इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर का सहयोग लिया जा रहा है। मामले के आरोपी डॉ. अफजल के साथ गाजियाबाद में लूट व डकैती में जेल गए सरफराज सैफी का नाम सामने आया है। आहूजा हॉस्पिटल के कर्मचारी शिवम अग्रवाल के मोबाइल में दोनों की रुपयों के साथ वीडियो मिली है। पुलिस को मोबाइल से 25 से अधिक वीडियो और फोटो बरामद हुई हैं। टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन की तलाश शुरू हो गई है।

डोनर ग्रुप में 700 से ज्यादा सदस्य थे   
डीसीपी पश्चिम एमएम कासिम आबिदी ने बताया कि किडनी डोनर ग्रुप में 700 से ज्यादा सदस्य थे। युवाओं को किडनी ट्रांसप्लांट के डोनर और रिसीवर खोजने के अलावा रुपये कमाने का लालच दिया जा रहा था। इसमें साइबर अपराधी भी शामिल थे। अब तक हुई जांच में 40 से अधिक म्यूल (फर्जी) नंबर मिले हैं। इन्हें फर्जी तरीके से हासिल कर सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाया गया है। ग्रुप में हवाला कारोबार से जुड़े आरोपी भी हो सकते हैं। यह मोटा पैसा लेकर केस खोजने का कार्य कर रहे थे। सोशल मीडिया पर किडनी ट्रांसप्लांट होने की सुविधा का मैसेज भी किया जा रहा था। पुलिस आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।

 

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