इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 11 मधु गुप्ता की कोर्ट ने 11 साल पुराने अपहरण के एक मामले की सुनवाई करते हुए दोषी को उसे 10 साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
बलरई थाना क्षेत्र के गांव नगला ताल निवासी सुलेखा देवी ने दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि उसकी शादी 24 अप्रैल 2012 को फिरोजाबाद के सिरसागंज थाना क्षेत्र के गांव नगला मदारी निवासी प्रदीप कुमार के साथ हुई थी। प्रदीप को उसकी दादी ने पाला था। दो अक्तूबर 2012 को दादी की मौत हो गई। दादी की मौत होने के बाद प्रदीप के नाम की जमीन पर उसके परिवार के लोगों ने कब्जा कर लिया। प्रदीप ने अपना हिस्सा मांगा तो परिवार के लोग नाराज हो गए। 20 मई 2013 को प्रदीप के ताऊ के लड़के बृज मोहन व पवन कुमार प्रदीप को घुमाने के बहाने ले गए। उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को जेल भेजा था। विवेचना के बाद पुलिस ने बृज मोहन व पवन के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए। पवन के किशोर होने के कारण उसका मामला किशोर बोर्ड में भेज दिया गया। बुधवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने बृज मोहन को दोषी पाकर 10 साल की सजा सुनाई। जुर्माने की आधी रकम पीडि़ता को देने के निर्देश दिए।