लंबे समय तक इलाज के बाद हालत में सुधार हुआ
परिवार के सदस्य अस्पताल मिलने पहुंचे। वहां उनकी हालत खराब होने पर एक निजी अस्पताल के लिए रेफर करा लिया। लंबे समय तक इलाज के बाद जब हालत में सुधार हुआ। तब धर्मेंद्र ने बताया कि गांव के राजेश, उसका भाई नन्हें, मनोज, अजय, संजय और नन्हें के छोटे दामाद ने सचेंडी से ऑटो में जबरन उनका अपहरण लिया।
जंगल में ले जाकर पीटा और मरा हुआ समझकर सड़क किनारे फेंका
इसके बाद दीपू ढाबा के पीछे जंगल में ले जाकर पीटा और मरा हुआ समझकर नौबस्ता क्षेत्र में सड़क किनारे फेंक दिया। हिमांशु ने बताया कि चाचा के बयान के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।