बिजली चोरी पकड़ने के नाम पर काफी ढिढोरा पीटने वाले केस्को का खेल भी अजीब है। शमन शुल्क (बिजली चोरी पकड़ने पर जुर्माना) के चेक तो बिजली चोरी में पकड़े गए लोगों से तुरंत लिए जा रहे हैं लेकिन राजस्व निर्धारण वसूली (असिस्मेंट) भूल रहे हैं।
दरअसल असिस्मेंट डिवीजनों के बाबुओं के भरोसे हैं। ये असिस्मेंट के नाम पर लोगों को चक्कर पर चक्कर लगवा रहे हैं लेकिन फाइनल बिल नहीं दिए जा रहे हैं। इसी कारण अभी तक आधे से भी कम राजस्व वसूला जा सका है।
एक और बात अगर केस्को के बिजली चोरी अभियान का रिपोर्ट कार्ड देंखे तो ज्यादा चोरी वाले डिवीजनों में कम कटियाबाज पकड़े जाने का खुलासा हो रहा है। केस्को ने 12 फरवरी से बिजली चोरी के खिलाफ जोर-शोर से अभियान चालू किया था।
2 फरवरी तक कुल 21 दिन में केस्को ने कुल 19920 कनेक्शन चेक किए। इनमें से सिर्फ 2263 कनेक्शन में ही अनियमितता मिली। 517 लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई गई। 76.11 लाख शमन शुल्क वसूला गया। राजस्व निर्धारण 235.65 लाख किया गया लेकिन इसमेंसे कुल 119.05 लाख की ही वसूली हो सकी है।
वाकई राजस्व वसूली की गति काफी धीमी है। एमडी ने भी इस पर नाराजगी जताई है। एमडी सर्किल वाइज रोज समीक्षा बैठक कर राजस्व वसूली और अभियान तेज करने के आदेश दे रही है। इसका पालन कराया जाएगा।
-आरडी पांडेय, अधिशाषी अभियंता मुख्याल/मीडिया प्रभारी