पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन
होटल की बिल्डिंग का नक्शा का मामला केडीए में अटक गया था। तकरीबन दो साल बाद 28 जुलाई को केडीए ने भवन निर्माण के लिए स्वीकृत पत्र जारी कर दिया। केडीए ने कहा है कि निर्माण कार्य के दौरान राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। भवन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कंप्लीशन सर्टिफिकेट और ऑक्यूपेंसी की अनुमति मिलने के बाद ही होटल का संचालन किया जा सकेगा।
200 कमरों का होगा होटल, 500 लोगों को रोजगार
जेके अर्बनस्केप्स डेवलपर्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट संजय दुबे ने बताया कि ताज ग्रुप के मानकों और वास्तुशिल्प के अनुसार 200 कमरों का होटल बनाया जाएगा। होटल परिसर में 3205 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का हरित क्षेत्र होगा। होटल से 500 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। महानगर के विकास के साथ ही यहां के पर्यटन उद्योग को गति देने का प्रतीक यह होटल बनेगा। भगवान शिव को प्रिय पवित्र सावन माह में ही निर्माण कार्य शुरू करा कर ढाई से तीन साल में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बिल्डिंग बाइलाॅज और टूरिज्म पॉलिसी के तहत पांच सितारा और तीन सितारा होटल का दो नक्शा स्वीकृत किया गया है। केडीए के प्रावधान के अनुसार अब निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है। -अभय कुमार पांडेय, सचिव, केडीए