ऐ चांद, तू किस मजहब से आता है, ईद में भी पूजा जाता है और करवाचौथ में भी। रविवार को चंद्रपूजन के पर्व करवाचौथ पर सांप्रदायिक सौहार्द्र की धारा गंगा-जमुनी तहजीब में और मिठास घोल गई।
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वृद्धा आश्रम में हिंदू महिलाओं को करवाचौथ का सामान भेंट करती मुस्लिम महिलाएं
करवा चौथ के मौके पर मुस्लिम महिलाओं ने कानपुर के किदवई नगर स्थित वृद्धा आश्रम में जाकर सुहागिन हिंदू बुजुर्ग महिलाओं को पूजा के लिए साड़ी और पूजन सामग्री देकर सौहार्द्र की मिसाल कायम की। बुजुर्ग महिलाओं ने भीगी आंखों से जुग-जुग जियो बिटिया कहकर आशीर्वाद दिया। मुस्लिम महिलाओं ने अन्य महिलाओं और पुरुषों को भी कपड़े और मिठाई दी।
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एक दूसरे को मिठाई खिलातीं हिंदू-मुस्लिम महिलाएं
ए रोज बाल एवं महिला प्रशिक्षण संस्थान, बाबूपुरवा की सचिव अफसर जहां झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों को पढ़ाने और महिलाओं को कढ़ाई-सिलाई का हुनर देकर रोजगार उपलब्ध कराती हैं। इसके साथ ही हिंदू-मुस्लिम एकता को बढ़ाने में जुटी हैं। करवाचौथ पर अफसर जहां संस्था की साथी महिलाओं रमशा खान, मेहनाज, अरबिया, फराह, आमिर खान के साथ वृद्धा आश्रम गईं। वहां 40 वृद्ध महिलाएं और 45 बुजुर्ग पुरुष रहते हैं जिन्हें अपनो ने ठुकरा दिया है। अफसर जहां और उनकी टीम ने यहां की पांच सुहागिन महिलाओं को करवा पूजन का पूरा सामान, साड़ी आदि दिया।
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करवाचौथ पर एक दूसरे को मिठाई खिलातीं हिंदू-मुस्लिम महिलाएं
35 अन्य विधवा महिलाओं को साड़ी बांटी। 45 बुजुर्ग पुरुषों को अंगौछा दिया। सबको मिठाई भी खिलाई। वृद्धा आश्रम की बुजुर्ग महिला-पुरुषों ने उन्हें आर्शीवाद दिया। महिलाओं ने वृद्धाओं को गले लगा लिया तो दोनों ओर से आंसुओं की धारा बह निकली।
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वृद्धाश्रम में नये कपड़े भेंट करतीं मुस्लिम महिलाएं
इनका कहना है कि कानपुर में हमेशा सुख-शांति बनी रही, इसी कामना से ऐसा करती हैं, होली, रक्षाबंधन, दिवाली आदि पर भी हिंदू भाई-बहनों के संग ही त्यौहार मनाती हैं।
संस्था की महजबी खान ने बताया कि संस्था प्रत्येक वर्ष और खास मौकों पर वृद्धा आश्रम में बुजुर्गों की सेवा करने के साथ ही उपहार देती हैं। इस मौके पर वृद्धा आश्रम के संस्थापक सुशील चंद्र त्रिवेदी, मैनेजर ज्योति पांडेय, नीलेंद्र तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।