शुक्र के बालत्वकाल में नवाविवाहिताएं चतुर्थी व्रत, करवा चौथ, बरगदाही का व्रत रख सकती हैं। यह निर्णय श्री ब्रह्मावर्त विद्वतपरिषद ने सर्वसम्मत और शास्त्रीय व्यवस्थाओं के आधार पर लिया है। यह कहा जा रहा था कि इस बार करवा चौथ आदि व्रतों के दौरान शुक्र का बालत्वकाल रहेगा जिससे नवंबर वर्ष 2025 और जुलाई वर्ष 2026 के बीच की अवधि की ब्याहता महिलाएं व्रत न रखें।
परिषद के महामंत्री आचार्य चंद्र प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि शुक्र बालत्वकाल में व्रत न रखने की बात सही नहीं है। शास्त्रों में इस मसले की व्यवस्था देखी गई है। व्रत रखने में कोई दोष नहीं है। करवा चौथ, बरगदाही जैसे व्रत नियत समय में होते हैं। उन्हें आगे-पीछे नहीं किया जाता। ये स्त्री के अधिकार के तहत आते हैं। गुरु, शुक्र का अस्त होने पर व्रत रखने में कोई दोष नहीं है।