नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट (एनएसआई) कानपुर और कर्नाटक सरकार ने चीनी मिल चलाने के लिए तकनीकी सहयोग पर शुक्रवार को यहां समझौता किया।
एनएसआई की ओर से डायरेक्टर नरेंद्र मोहन और कर्नाटक सरकार की ओर से वाणिज्य एवं उद्योग सचिव तुषार गिरी नाथ तथा बेलगावी शुगर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. आरबी खांडगावे ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के मुताबिक कर्नाटक सरकार वहां लगने वाली चीनी मिलों में एनएसआई के स्टूडेंट्स को जॉब देगी तो वहीं एनएसआई चीनी मिल चलाने की तकनीकी को कर्नाटक सरकार को देगी।
इसमें किसी तरह की परेशानी न आए इसके लिए एनएसआई में स्टूडेंट्स को कन्नड़ भाषा का सामान्य ज्ञान कराया जाएगा। ताकि जॉब मिलने के बाद उन्हें कामकाज निपटाने में दिक्कत न आ सके।
कन्नड़ भाषा की जानकारी के लिए ही कर्नाटक सरकार एनएसआई में स्पेशल कक्षाएं भी लगवाएगी। यह काम जुलाई 2015 से शुरू होगा।
गन्ने की पैदावार बढ़ाने और चीनी उत्पादन को अच्छा करने के उद्देश्य से कर्नाटक के वाणिज्य एवं उद्योग सचिव तुषार गिरी नाथ और बेलगावी शुगर इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. आरबी खांडगावे शुक्रवार को एनएसआई आए।
यहां निदेशक प्रो. नरेंद्र मोहन से मुलाकात करके एक समझौता किया। इसके तहत एनएसआई कर्नाटक की 64 चीनी मिलों के संचालन, गन्ना पैदावार और चीनी उत्पादन में तकनीकी सहयोग देगा। बेलगावी शुगर इंस्टीट्यूट और उसकी लैब स्थापना में मदद करेगा।
सचिव ने मैन पॉवर जनरेशन का काम भी एनएसआई को दिया है। इससे पहले सचिव ने एथेनॉल पर होने वाले रिसर्च को देखा। आटोमेटेशन और इंस्ट्रूमेंटेशन लैब देखी। इस लैब में टेंपरेचर कंट्रोल की आटोमैटिक मशीन भी लगी है। सचिव तुषार गिरी नाथ एनएसआई के पूर्व छात्र भी रहे हैं।