कानूनगो और लेखपाल को निलंबित कर दिया
कानपुर में सरसौल स्थित सहायक चकबंदी कार्यालय में किसान से 10 हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन के हाथों पकड़े गए कानूनगो और लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने बताया कि कार्यालय पहुंचकर किसान ने 10 हजार रुपये कानूनगो के हाथों में दिए। उसने रुपये गिने और रकम पूरी होने पर बगल में मौजूद लेखपाल सूरज यादव को दे दिए। इसी वजह से दोनों एक साथ लपेटे में आ गए।
कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन ने चकबंदी कार्यालय में डाला ताला, कब्जे में लिए अभिलेख
दोनों की गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन की टीम ने कानूनगो व लेखपाल के पास मौजूद चकबंदी से संबंधित सभी रजिस्टर व अभिलेख अपने कब्जे में ले लिए और कार्यालय में ताला डाल दिया। लेखपाल की कार व कानूनगो की बाइक भी थाने लाकर सीज कर दी गई। पीड़ित नवल किशोर ने बताया कि पिछले तीन माह से पैमाइश करने व चक काटने के नाम पर लेखपाल सूरज यादव 30 हजार रुपये मांग रहा था।
दोनों को अभी महाराजपुर थाने में ही रखा गया है
लखनऊ में रहने वाले बड़े भाई नंदकिशोर गंभीर रोग से पीड़ित होने के बाद भी आए दिन चकबंदी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए चक्कर लगा रहे थे। परेशान होकर उन्होंने सोमवार को एंटी करप्शन के अधिकारियों को जानकारी दी। एंटी करप्शन के निरीक्षक चंद्रभान सिंह ने बताया कि आरोपी कानूनगो विनोद कुमार गौतम व लेखपाल सूरज सिंह यादव को गुरुवार को लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया जाएगा। दोनों को अभी महाराजपुर थाने में ही रखा गया है।
उन्नाव के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
मूलरूप से उन्नाव के बारासगवर के बारा गांव निवासी लेखपाल सूरज सिंह यादव सरसौल में चकबंदी कार्यालय के नजदीक ही किराये के घर में रहता था। वहीं, उन्नाव कोतवाली के पूरननगर निवासी कानूनगो विनोद कुमार गौतम कैंसर से पीड़ित है। गिरफ्तारी की सूचना पर उनके दोनों बेटे थाने पहुंचे थे। बड़ा बेटा छोटू मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत है। छोटू ने बताया कि लगभग तीन साल से पिता को गंभीर बीमारी है।
नर्वल में भी कानूनगो व लेखपाल हुए थे गिरफ्तार
पिछले साल 11 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने नर्वल तहसील में भी ऐसी ही कार्रवाई की थी। तब टीम ने कानूनगो विष्णु स्वरूप व लेखपाल रामबचन मौर्य को जमीन की पैमाइश के नाम पर 10- 10 हजार की घूस लेते गिरफ्तार किया गया था।