संदलपुर/झींझक (कानपुर देहात)। मंगलपुर के बहबलपुर में छात्रा अनामिका की हत्या के मुख्य आरोपी शिक्षक शैलेंद्र राजपूत को पुलिस ने रविवार को असवी गांव के मोड़ के पास दबोच लिया। पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त बाइक और तमंचा भी बरामद कर लिया। पुलिस ने शैलेंद्र को संरक्षण देने के आरोप में औरैया के एक युवक भी पकड़ा है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। सोमवार को पुलिस गुडवर्क का खुलासा करेगी। कन्नौज में रहने वाली अनामिका बहबलपुर निवासी नाना प्रेम सिंह यादव के यहां रहकर आठवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी। 24 अक्टूबर को वह कालेज से परीक्षा देकर घर लौट रही थी।
उसी दौरान उडनवापुर निवासी शिक्षक शैलेंद्र राजपूत ने नाबालिग साथी के साथ मिलकर गांव में ही उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में छात्रा के मामा रितिक ने शैलेंद्र समेत दो लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। रविवार को सटीक सूचना पर थाना प्रभारी शिव कुमार राठौर ने टीम के साथ मुख्य हत्यारोपी शैलेंद्र राजपूत को भी गिरफ्तार कर लिया। एसपी अनुराग वत्स ने शैलेंद्र को दबोचने के लिए थाना प्रभारी के साथ स्वॉट टीम को भी लगाया था। पुलिस ने शैलेंद्र को संरक्षण देने के मामले में अजीतमल औरैया निवासी जितेंद्र राजूपत को भी गिरफ्तार किया है।
अनामिका की हत्या करने बाद हत्यारोपी शैलेंद्र राजपूत बाइक से अजीतमल औरैया में रहने वाले रिश्तेदार जितेंद्र के घर गया था। शैलेंद्र ने उसे हत्याकांड की पूरी कहानी बताई थी। इसके बाद भी जितेंद्र ने उसे अपने घर में शरण दी। उसे खाना खिलाया और रात में घर में सुलाया। अगले दिन शैलेंद्र को जितेंद्र अपनी बाइक पर बिठाकर आगे छोड़कर आया था। जबकि शैलेंद्र की बाइक उसी के घर में खड़ी थी।
अनामिका के स्कूल का एक वैन चालक और एक शिक्षक भी पुलिस के रडार में हैं। वैन चालक स्कूल में शिक्षक रहे हत्यारोपी शैलेंद्र राजपूत को अनामिका के बारे में पल-पल की जानकारी देता था। वहीं, शिक्षक भी तरह-तरह से मुख्य हत्यारोपी की मदद करता था। पुलिस अब इन दोनों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
हत्यारोपी शिक्षक शैलेंद्र राजपूत की नजर काफी दिनों से अनामिका पर टिकी थी। शैलेंद्र जब अनामिका के स्कूल में पढ़ता था, तभी उस पर दोस्ती का दबाव बना रहा था। अनामिका के अनदेखा करने पर शैलेंद्र तरह से उसे परेशान करता था। शैलेंद्र उसका पीछा करता था। इसकी शिकायत अनामिका ने नाना और मामा से की थी। परिजनों की शिकायत के बाद ही स्कूल प्रबंधन ने शैलेंद्र के स्कूल आने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद शैलेंद्र और बौखला गया था। तभी उसने अनामिका की हत्या की साजिश रची थी। यह बात शैलेंद्र से पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आई है।