यह तरीका ठीक नहीं है,पद की गरिमा के भी विपरीत
पार्षदों ने कहा कि अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव का रवैया बहुत खराब है। विकास कार्यों में विलंब का कारण पूछने पर वह अक्सर कहते हैं कि मेरा प्रमोशन लगा है, मैं तो ऐसे ही काम करूंगा। जब कोई दूसरा अधिकारी आएगा, तो उससे कहना...। पार्षदों का कहना है कि यह तरीका ठीक नहीं है और पद की गरिमा के भी विपरीत है। कई वार्डों की महत्वपूर्ण फाइलें खो जाती हैं या संबंधित कार्यों को जानबूझकर उलझा दिया जाता है।
संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करें
विभागीय टकराव के कारण कार्यालय की स्थिति बदतर हो गई है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी जनता और जनप्रतिनिधियों को बार-बार नगर निगम के चक्कर लगाना पड़ रहा है। सपा विधायक ने कहा कि नगर निगम के आलाधिकारी मामले की जांच कराएं। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करें।
ये पार्षद रहे मौजूद
प्रदर्शन में भाजपा पार्षद आकर्ष बाजपेई, अमित गुप्ता, आदर्श गुप्ता व दीपिका शर्मा, कांग्रेस पार्षद हाजी सोहेल अहमद व शिब्बू अंसारी, सपा के रजत बाजपेई, फैजान रहमान, मोहम्मद सारिया, अकील शानू, मेराज, लियाकत अली व अनवर अली और निर्दलीय पार्षद शिवम दीक्षित पहुंचे।
पार्षदों ने अधिशासी अभियंता पर लगाए ये आरोप
- टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर करने में अनावश्यक विलंब के कारण काम शुरू ही नहीं हो पाता।
- फाइलों में फोटो खिंचवाने जैसे सामान्य काम में भी महीनों का समय लगा दिया जाता है।
- गली पिट, पैचवर्क जैसे छोटे-छोटे कामों को प्राथमिकता नहीं दी जाती है।
- सड़क धंसने जैसी गंभीर समस्या पर भी अधिशासी अभियंता मौके पर नहीं जाते और न समय से समाधान कराते हैं।
जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की बात यदि अधिकारी नहीं सुनेंगे तो विकास कार्य बाधित होंगे। इसका सीधा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ता है। नगर निगम के अधिकारी जनप्रतिनिधियों को सम्मान दें और यह ध्यान रखें कि उनके चक्कर में आमजन को परेशान न होना पड़े। -अमिताभ बाजपेई, विधायक, सपा
मेरी गलती बस इतनी ही है कि मैं नियमों के विरुद्ध जाकर काम नहीं करता। विकास से जुड़ी ऐसी कोई कोई फाइल नहीं है जिस पर मैंने हस्ताक्षर न किए हों। व्यक्तिगत कार्य न करने के कारण हंगामा किया गया है। -आलोक श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता
जोन-1 में आते हैं 18 वार्ड
मालरोड, घंटाघर, सुतरखाना, हूलागंज, परेड, चमनगंज, बेकनगंज, पटकापुर, इफ्तिखाराबाद, दलेलपुरवा समेत 18 वार्ड जोन-1 में आते हैं।