इससे इन गांवों का जमीन से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। लोगों को आने-जाने के लिए अब नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह मऊ नखत की पंचायत सचिव और प्रधान भी मोटर लगी नाव से गांव जाते दिखे। इस स्थिति से ग्रामीण इलाकों में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों में चिंता बढ़ गई है।